फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Korba News ›   Mother Durga came in the dream On the advice of Mother Ishwari made a cot with iron nails in Korba

सपने में आईं मां दुर्गा: माता के कहने पर ईश्वरी ने लोहे की कीलों से बनाया खाट, उपवास रखकर भक्ति में लीन

Tue, 16 Apr 2024 03:09 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 16 Apr 2024 03:09 PM IST
सार

ईश्वरी चौहान ने बताया कि नवरात्रि से पहले उसके सपनों में मां दुर्गा आकर कहने लगी थी लकड़ी के खाट में कीलों के सहारे सोकर नौ दिनों तक दीप प्रज्वलित कर पूजा पाठ करे और सभी की मनोकामना पूर्ण करे। 

विज्ञापन
Mother Durga came in the dream On the advice of Mother Ishwari made a cot with iron nails in Korba
उपवास रख कीलों पर लेटी महिला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आदिशक्ति के नौ दिन तक चलने वाले पर्व नवरात्र पर माँ की भक्ति के ऐसे नजारे दिखाई पड़ते हैं जिसमें भक्तों की अटूट श्रद्धा शोभित होती है। ऐसा ही माँ की भक्ति की अटूट श्रद्धा का उदाहरण कोरबा के पाली विकासखंड के ग्राम नेवसा में नजर आया। जहां एक महिला संकल्प के साथ व्रत रहकर लोहे के किलो पर लेटकर साधना कर रही है। 

विज्ञापन


चैत्र नवरात्र पर्व पर एक संकल्प के साथ निर्जल व्रत रहकर नेवसा निवासी 33 वर्षीय श्रीमती ईश्वरीय चौहान द्वारा लकड़ी के पटरा पर 21सौ कील लगाकर पीठ के बल लेटकर पेट में जलते हुए मनोकामना ज्योति कलश को रखी हुई है। आमतौर पर पेट पर जलते मनोकामना ज्योति कलश रखने वाला भक्ति का स्वरूप दिखा है, लेकिन  कीले पर लेटकर पेट में ज्योतिकलश रखकर भक्ति का ऐसा स्वरूप कभी कभार ही दिखा है। 
विज्ञापन

 

ईश्वरी चौहान ने बताया कि नवरात्रि से पहले उसके सपनों में मां दुर्गा आकर कहने लगी थी लकड़ी के खाट में कीलों के सहारे सोकर नौ दिनों तक दीप प्रज्वलित कर पूजा पाठ करे और सभी की मनोकामना पूर्ण करे। 

विज्ञापन
विज्ञापन


नवरात्रि के प्रथम दिन से ईश्वरी घर पर पूजा में लीन

इस संबंध में ईश्वरीय चौहान के पति छोटेलाल चौहान ने बताया कि एक वर्ष पूर्व से पत्नी के सपने में छोटी बच्ची दिखाई पड़ रही थी। जो पूजा करने के लिए प्रेरित कर रही थी। फिर क्वांर नवरात्रि से पूजा-पाठ करने की इच्छा बढ़ गई। तब पुनः एक सफेद साड़ी में महिला आकर रूद्राक्ष की माला से जोर- जोर आवाज से जाप करने लगी और कील का बिछावन दिखा। जब सुबह उठी तो वह मंत्र व सपना पूरी तरह याद रहा। इस सपना की सारी बात वे पति को बताई और कील ठोककर बाजवट तैयार किया गया तथा तीन माह से रुद्राक्ष माला एवं सपने में सुने मंत्र को जपने लगी। पूरे नौ दिनों तक अन्न जल न खाने का प्रण लिया। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed