प्रशासन भूला आश्वासन: दादा-पोते की मौत पर हुआ था हंगामा, वहीं रेत का अवैध परिवहन करते लोगों ने पकड़ा ट्रैक्टर
कोरबा में रेत का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। वाहनों की चपेट में आकर लोगों की जिंदगी खत्म होने के बाद भी रात के अंधेरे में अवैध कार्य जारी है। पुलिस और प्रशासन के तमाम दावे और आश्वासन झूठे ही साबित हो रहे हैं। इसके चलते लोगों में आक्रोश है।
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छत्तीसगढ़ के कोरबा में सीतामणि चौक पर लोगों ने शुक्रवार देर रात रेत के अवैध परिवहन में लगा एक ट्रैक्टर पकड़ लिया। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को लोगों ने ट्रैक्टर सौंप दिया है। खास बात यह है कि यह चौक वही स्थान है, जहां 10 दिन पहले दादा-पोत की मौत अवैध परिवहन के चलते हादसे में हो गई थी। इसके बाद करीब 10 घंटे से ज्यादा देर तक हंगामा और जाम चला था। प्रशासनिक अफसरों ने एक लाख मुआवजा देने के साथ ही भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध के साथ ब्रेकर बनाने का आश्वासन देकर चक्काजाम को समाप्त करवाया था।
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जानकारी के मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र के सीतामणि चौक पर लोगों ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे एक बिना नंबर का ट्रैक्टर पकड़ लिया। ट्रैक्टर पर रेत होने और संबंधित कागजात नहीं होने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि जब तक पुलिस नहीं आती है, ट्रैक्टर को नहीं छोड़ा जाएगा। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो लोगों ने दो ट्रैक्टर उनके हवाले कर दिए। हालांकि लोगों में अब भी गुस्सा है। उनका कहना है कि, हादसे के बाद रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की मांग की गई थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ।
पांच अप्रैल को हुआ था हादसा
सीतामणी निवासी विष्णुदेव ताती (55) अपने तीन साल के पोते चिराग ताती को लेकर पांच अप्रैल को मॉर्निंक वॉक पर निकले थे। अभी वे राम मंदिर के पास पहुंचे थे कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा होते देख लोगों ने परिजनों और डायल-112 को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजन दोनों को लेकर पास के प्राइवेट अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देख उन्हें दूसरी जगह ले जाने को कहा गया। इस पर परिजन दोनों को जिला अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने चिराग को मृत घोषित कर दिया। जबकि दादा विष्णुदेव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
10 घंटे तक चलता रहा जाम और हंगामा
सड़क दुर्घटना में दादा पोते की मौत का मामले ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया था। पक्ष और विपक्ष के नेता मौके पर इकट्ठे होकर लोगों के हितों को लेकर पुलिस प्रशासन से बात करते नजर आए। निगम के नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कोरबा-चांपा मार्ग को चक्काजाम कर दिया था जिससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। लोगों के विराध को देखते हुए महापौर राजकिशोर प्रसाद भी मौके पर पहुंचे हुए थे। करीब 10 घंटे तक हंगामा और जाम चलता रहा। इसके बाद प्रशासनिक अफसरों ने आश्वासन व मुआवजा देकर जाम खत्म कराया था।