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मोह माया से दूर: कोरबा में आठ दीक्षारथी भाई-बहनों का भव्य स्वागत, घूम-घूम कर शिक्षा और दीक्षा दे रहे
Tue, 16 Dec 2025 12:56 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 16 Dec 2025 12:56 PM IST
सार
कोरबा जैन समाज के लिए मंगलार का दिन ऐतिहासिक दिन रहा है। जब आठ दीक्षारथी भाई-बहनों का परिवार एवं संसार का मोह त्यागकर दीक्षा की ओर अग्रसर होने पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां उनका स्वागत एवं सम्मान किया।
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आठ दीक्षारथी भाई-बहनों का भव्य स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरबा जैन समाज के लिए 16 दिसंबर मंगलवार का दिन अत्यंत गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक रहा। नगर में एक साथ आठ दीक्षारथी भाई-बहनों के पावन आगमन के अवसर पर सकल जैन समाज द्वारा भव्य वरघोड़ा एवं बहुमान समारोह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
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दीक्षारथी भाई-बहनों का बहुमान
शैलेन्द्र सकलेचा (49), आशीष सुराना (42),आर्यन सुराना (16), आदित्य सुराना (14), तनीष सोनिगरा (13), एकता सकलेचा (47), रितु सुराना (40), सुकृति बैसाली (26) वर्षीय जो अपने परिवार और दुनिया का मोह माया छोड़कर घूम-घूम कर शिक्षा और दीक्षा दे रहे हैं।
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वहीं बताया जा रहा है कि ऐसे कई लोग हैं जो इस पुनीत कार्य में जुड़े हुए हैं। कोरबा पहुंचे दीक्षारथी भाई-बहनों में एक ऐसा परिवार है जो एक ही परिवार के चार लोग दीक्षार्थी बने। सुराना परिवार है जो छोटे-बड़े सभी ने दीक्षार्थी बनकर एक मिशाल पेश की है।
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इसमें कई युवा छोटे और बड़े लोग शामिल हैं। कोरबा में भी कई ऐसे लोग हैं। जिन्होंने दीक्षारथी भाई-बहन बनकर समाज के लिए काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः पाटीदार भवन, टी.पी. नगर में स्वल्पाहार से हुई। इसके पश्चात श्री मुनिसुव्रत स्वामी जैन मंदिर, टी.पी. नगर से दीक्षारथी भाई-बहनों का भव्य वरघोड़ा निकाला गया। भजन, जयघोष और मंगल गीतों से पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर रहा।
वरघोड़ा उपरांत पाटीदार भवन में आयोजित बहुमान समारोह में सभी दीक्षारथियों का विधिवत सम्मान किया गया। समाज के वरिष्ठजनों, महिला मंडल एवं युवाओं ने दीक्षारथियों के त्याग, वैराग्य और धर्ममार्ग की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
समारोह के पश्चात गौतम प्रसादी (स्वरुचि भोज) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसे कोरबा जैन समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।