Korba: हाथियों के झुंड ने रात भर गांव में मचाया आतंक, मकान को गिराया, तहस- नहस की गृहस्थी
कोरबा के कटघोरा वन मंडल में लगभग 60 हाथियों के झुंड में से 12 हाथियों ने झिनपुरी भदरापारा में बीती रात ग्रामीणों का घर घेर लिया। एक मिट्टी के मकान को जगह-जगह से छेद कर अंदर रखे धान और चावल को खा गए।
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कोरबा के कटघोरा वन मंडल में लगभग 60 हाथियों के झुंड में से 12 हाथियों ने झिनपुरी भदरापारा में बीती रात ग्रामीणों का घर घेर लिया। एक मिट्टी के मकान को जगह-जगह से छेद कर अंदर रखे धान और चावल को खा गए। घर पर रखे सामान को बिखेर दिया। ग्रामीण परिवार सहित भाग कर किसी तरह जान बचाई। इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। पूरा गांव रतजगा करने को मजबूर हो गया।
वन परिक्षेत्र केंदई के ग्राम झिनपुरी निवासी राम सिंह मरकाम अपने घर में पांच सदस्यों के साथ सो रहा था, रात तीन बजे अचानक हाथियों की आहट सुनाई दी उसने परिवार के सभी सदस्यों को लेकर सुरक्षित स्थान पर जाना ही उचित समझा। चुपचाप कमरे से निकल कर गांव के ही पास दूसरे रिश्तेदार के घर जाकर सबने पनाह ली।
हाथियों ने घर के अंदर रखे धान और चावल को खा लिया यहीं नहीं बाकी सामान भी तहस नहस कर दिया। सुबह जब राम सिंह घर पहुंचा तो मकान को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पाया। घटना की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए किसानों का क्षतिपूर्ति हेतु बयान दर्ज किया गया।
वन विभाग की माने तो लगभग 60 हाथियों का दल इस इलाके में विचरण कर रहा है जो रात को भोजन की तलाश में आसपास गांव में प्रवेश कर जाते हैं। गांव वालों से सावधान रहने की अपील की गई है और शाम होते ही घर से निकलने के लिए मना किया गया है। वहीं रेंजर अभिषेक दुबे ने बताया कि रामसिंह का मकान गांव के बाहर अकेले में है ऐसे स्थान पर हाथी जल्दी पहुंच जाते हैं इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।