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कबीरधाम : कुकदूर सीएचसी में डॉक्टर से गाली-गलौज और झूमाझटकी कर जान से मारने की धमकी दी, आरोपी गिरफ्तार
Wed, 07 Oct 2026 08:15 AM IST
कबीरधाम ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 08:15 AM IST
सार
कुकदूर CHC में मरीज को रैफर करने को लेकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से गाली-गलौज, झूमाझटकी और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय ने न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
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पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुकदूर में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और झूमाझटकी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 13 सितंबर की रात की है। पुलिस के मुताबिक मरीज के उपचार को लेकर हुए विवाद में आरोपी ने डॉक्टर के शासकीय कार्य में बाधा डाली थी। करीब तीन सप्ताह की विवेचना के बाद पुलिस ने 6 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मरीज को रैफर करने पर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार 13 सितंबर की रात ग्राम रोखनी निवासी एक महिला मरीज को जहर सेवन के बाद उपचार के लिए सीएचसी कुकदूर लाया गया था। उस समय चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण सिन्द्राम ड्यूटी पर थे। डॉक्टर महिला का प्राथमिक उपचार कर रहे थे। मरीज के उपचार में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उसे बेहतर उपचार के लिए सीएचसी पंडरिया रैफर कर दिया।
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इसी दौरान रात करीब 11:20 बजे ग्राम छींदीडीह निवासी गिरानी धुर्वे अस्पताल पहुंचा और मरीज को रैफर किए जाने को लेकर डॉक्टर से विवाद करने लगा। आरोप है कि उसने डॉक्टर के साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और झूमाझटकी व धक्का-मुक्की करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान डाला। घटना के बाद डॉक्टर ने थाना कुकदूर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद चिकित्सा संस्थान अधिनियम की धारा जोड़ी
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर डॉक्टर और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए। साथ ही संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी गिरानी धुर्वे पिता करणसिंह धुर्वे (40) के खिलाफ छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम, 2010 की धारा भी जोड़ी गई।
पुलिस ने आरोपी को 6 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कार्रवाई एसपी जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में की गई। इसमें थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा और पुलिस टीम की भूमिका रही।
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मरीज को रैफर करने पर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार 13 सितंबर की रात ग्राम रोखनी निवासी एक महिला मरीज को जहर सेवन के बाद उपचार के लिए सीएचसी कुकदूर लाया गया था। उस समय चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण सिन्द्राम ड्यूटी पर थे। डॉक्टर महिला का प्राथमिक उपचार कर रहे थे। मरीज के उपचार में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उसे बेहतर उपचार के लिए सीएचसी पंडरिया रैफर कर दिया।
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इसी दौरान रात करीब 11:20 बजे ग्राम छींदीडीह निवासी गिरानी धुर्वे अस्पताल पहुंचा और मरीज को रैफर किए जाने को लेकर डॉक्टर से विवाद करने लगा। आरोप है कि उसने डॉक्टर के साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और झूमाझटकी व धक्का-मुक्की करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान डाला। घटना के बाद डॉक्टर ने थाना कुकदूर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद चिकित्सा संस्थान अधिनियम की धारा जोड़ी
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर डॉक्टर और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए। साथ ही संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी गिरानी धुर्वे पिता करणसिंह धुर्वे (40) के खिलाफ छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम, 2010 की धारा भी जोड़ी गई।
पुलिस ने आरोपी को 6 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कार्रवाई एसपी जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में की गई। इसमें थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा और पुलिस टीम की भूमिका रही।