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Kabirdham: जिले में पहली बार सरेंडर नक्सली बने पुलिस आरक्षक, दिवाकर पर आठ और तीजू पर था पांच लाख रुपये का इनाम
Sun, 18 Aug 2024 01:45 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 18 Aug 2024 01:45 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पहली बार सरेंडर नक्सली पुलिस आरक्षक बन गए हैं। पूर्व नक्सली दिवाकर और तीजू नक्सल संगठन में सक्रिय थे। ये एमएमसी (महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़) नक्सल जोन में सक्रिय थे। इनके ऊपर इनाम भी घोषित किया गया था।
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दिवाकर और तीजू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पहली बार सरेंडर नक्सली पुलिस आरक्षक बन गए हैं। पूर्व नक्सली दिवाकर और तीजू नक्सल संगठन में सक्रिय थे। ये एमएमसी (महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़) नक्सल जोन में सक्रिय थे। इनके ऊपर इनाम भी घोषित किया गया था।
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एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने बताया कि दिवाकर के ऊपर 8 लाख और तीजू के ऊपर पांच लाख रुपये का इनाम था। दिवाकर ने वर्ष 2022 व तीजू ने वर्ष 2021 में सरेंडर किया था। सरेंडर किए जाने के बाद शासन की ओर से आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अनुसार इन्हे लाभ दिया गया। आरक्षक बनने के बाद कबीरधाम जिले में पदस्थ हुए हैं।
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कबीरधाम एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने कहा कि कबीरधाम जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पुलिस द्वारा ध्यान दिया जा रहा है। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत लोग पुलिस से जुड़ रहे है। सभी नक्सलियों से अनुरोध है कि वे हिंसा छोड़ें व सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। हाल में ही तीन नक्सलियों ने भी जिले में सरेंडर किया है। सरेंडर हुए नक्सलियों को आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अनुसार लाभ दिए जाने की कार्रवाई जारी है।
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