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गौ तस्करों का नया तरीका: अब गाड़ी से नहीं ऐसे ले जाते हैं बूचड़खाने, चार आरोपी गिरफ्तार
Sat, 07 Sep 2024 12:07 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sat, 07 Sep 2024 12:07 PM IST
सार
कबीरधाम में चार गौ तस्करों को मवेशियों को पैदल बूचड़खाना ले जाते हुए गिरफ्तार किया गया। जबकि एक आरोपी फरार है और पुलिस की खोज जारी है।
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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कबीरधाम जिले में गौ तस्करों ने नया तरीका अपनाते हुए मवेशियों को पैदल बूचड़खाना ले जाना शुरू कर दिया है। अब तक तस्कर आमतौर पर ट्रक का उपयोग करते थे, लेकिन हाल ही में चार आरोपियों को मवेशियों को पैदल ले जाते हुए पकड़ा गया है। इस मामले में पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
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6 सितंबर की रात लगभग साढ़े 12 बजे, कबीरधाम जिले के घोठिया रोड निवासी लोकेश महेश जायसवाल ने पुलिस को सूचना दी कि तीन तस्कर 40 से 50 मवेशियों को सुहागपूर से बदराडीह और महराजपूर के रास्ते एमपी के बूचड़खाना ले जा रहे थे। लोकेश और ग्रामीणों की सहायता से तस्करों को पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तस्करों को पकड़ा और त्वरित कार्रवाई की।
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पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान समेलाल धुर्वे (40) और गुडन धुर्वे (30), दोनों निवासी ग्राम दमोह, थाना मलाजखंड, जिला बालाघाट (एमपी), और राधेश्याम पटेल (42) और रामसाय यादव (45), दोनों निवासी ग्राम सोहागपुर, थाना कवर्धा के रूप में की है। एक अन्य तस्कर, कृष्णा यादव, मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया है, जिसकी पुलिस खोजबीन कर रही है।
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पुलिस ने मौके से आठ गाय और एक बछड़ा जब्त किया है। इन तस्करों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि गौ तस्कर अब अपने तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। और पैदल यात्रा जैसे नए तरीके अपनाकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन की यह कार्रवाई तस्करों को कठोर संदेश भेजने के साथ-साथ गौ रक्षा के प्रति अपने प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।