बारिश से फसलों को नुकसान: कबीरधाम कलेक्टर ने किया निरीक्षण, बोले- किसानों की मौजूदगी में अधिकारी करें सर्वे
बारिश रुकने के बाद कबीरधाम के कलेक्टर लगातार खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। गेंहू-चना व उद्यानिकी की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है।
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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में अब बारिश रुक गई है। लेकिन इस बारिश से गेंहू-चना व उद्यानिकी के फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसे लेकर कलेक्टर ने बारिश से फसल नुकसान का सर्वे करने के दिए निर्देश हैं।
कलेक्टर जनमेजय महोबे लगातार जिले में हो रही बारिश को ध्यान में रखते हुए किसानों के खेत में फसल का अवलोकन कर रहे हैं। उन्होंने ग्राम दशरंगपुर में किसानों के खेत में पहुंचकर गेहूं, गन्ना, चने सहित अन्य फसल की स्थिति देखी। कलेक्टर ने कृषि और राजस्व विभाग और सरपंच और किसानों की उपस्थिति में खेत में फसल की स्थिति को परखा और अवलोकन किया। उन्होंने बेमौसम बारिश से फसल नुकसान का सर्वे मौके पर जाकर पटवारियों को करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की जांच एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक स्वयं करेंगे। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।
कलेक्टर महोबे ने किसानों से फसल के संबंध में चर्चा कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में हो रहे बारिश को ध्यान में रखते हुए फसलों का सर्वे करने अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। जिसके बाद फसल क्षति का आकलन कर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जहां अतिवृष्टि और ओलावृष्टि हुई हैं उन सभी क्षेत्र का दौरा करें। यदि फसल का नुकसान हुआ है तो आरबीसी 6-4 के तहत प्रकरण तैयार करें।
किसानों की उपस्तिथि में सर्वे करेंगे
उल्लेखनीय है कि जिले में हुए बारिश से खेतों फसल नुकसान की संभावनाओं को देखते हुए अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति का राजस्व एवं कृषि, उद्यान विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर वास्तविक आंकलन करने के निर्देश दिए गए है। टीम प्रत्येक ग्राम में सरपंच एवं कृषकों की उपस्थिति में मौका जांच एवं पंचनामा के साथ प्रतिवेदन तैयार करेंगे। साथ ही बारिश से फसल में कीटो से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाइड लाइन जारी करने और किसानों के अवगत कराने के निर्देश कृषि विभाग को दिए है।