Janjgir Champa: हसदेव नदी में गिरे शख्स का 53 घंटे बाद मिला शव, मानसिक रूप से बीमार था मृतक
मिली जानकारी अनुसार, हावड़ा मुबाई मुख्य रेल मार्ग हसदेव नहीं में बार रेलवे ब्रिज से ट्रेन की ठोकर से नदी में गिरे व्यक्ति का शव 53 घंटे बाद मिला है।
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जांजगीर चांपा जिले के हसदेव नदी में बने हावड़ा मुंबई रेलवे मुख्य रेल मार्ग ट्रेन की ठोकर से रेलवे ब्रिज से गिरे व्यक्ति के शव को 53 घंटे के बाद हसदेव नदी के पानी को रोकने के लिए लगाए गए पुल से पुलिस ने बरामद किया है।
मिली जानकारी अनुसार, हावड़ा मुबाई मुख्य रेल मार्ग हसदेव नहीं में बार रेलवे ब्रिज से ट्रेन की ठोकर से नदी में गिरे व्यक्ति का शव 53 घंटे बाद मिला है। हसदेव नदी में नया रेलवे ब्रिज बनाया जा रहा है नदी के पानी के बहाव को रोकने के लिए पुल बनाया गया था जिसमे शव फसा हुआ था। पुल को चैन माउंटेन मशीन की सहायता से तोड़ा गया। जिसके बाद एसडीआरएफ और नगर सैनिक की मदद से रेस्क्यू कर शव को बाहर निकाला गया है। जिसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। आगे की कार्यवाही सिटी कोतवाली पुलिस कर रही है। मृतक की पहचान लैन कुमार केवट उम्र 50 साल निवासी बालपुर के रूप में की गई। सिटी कोतवाली जांजगीर में मृतक के गुम होने की रिपोर्ट परिजनों ने दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था की लैन कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी बिना बताए घर से निकल गया था।
गौरतलब है कि 30 जून की दोपहर करीबन 12 नदी में नहा रहे लोगों ने देखा था की एक व्यक्ति रेलवे ब्रिज से नीचे गिरा है। सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंच कर नगर सैनिक गोताखोर की मदद से खोजने का प्रयास किया गया था। बिलासपुर से एसडीआरएफ के टीम भी पहुंची हुई थी और खोज बीन की जा रही थी। हसदेव नदी के कोने कोने को एसडीआरएफ की गोताखोरो छानबीन की मगर कोई सुराग नहीं मिल पाया था। 53 घंटो की खोजबीन के बाद आज रविवार को नए रेलवे ब्रिज बनाने के लिए हसदेव नदी के पानी को रोकने के लिए लगाए गए पुल को चैन माउंटेन की मशीन से बाहर निकाला गया। तब जाकर लैन कुमार केवट का शव मिला है।