फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Jagdalpur News ›   Tearful Farewell to Ranjit Kashyap and Village Grieves for Fallen Hero

Chhattisgarh: तिरंगे में लिपटा लौटा बस्तर का लाल, बलिदानी रंजीत की अंतिम विदाई में उमड़ा सैलाब; गांव में मातम

Mon, 22 Sep 2025 11:59 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 22 Sep 2025 11:59 AM IST
सार

बस्तर के बालेंगा गांव में बलिदानी रंजीत कश्यप का पार्थिव देह पहुंचते ही मातम छा गया, जहां विधायक लखेश्वर बघेल और वन मंत्री केदार कश्यप ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद हुए रंजीत की तीन बेटियों, पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता के दर्द ने पूरे गांव को रुला दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार हुआ।

विज्ञापन
Tearful Farewell to Ranjit Kashyap and Village Grieves for Fallen Hero
बलिदानी रंजीत को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बस्तर जिले के बालेंगा के उपयगुड़ा में रहने वाले रंजीत कश्यप तीन दिन पहले मणिपुर में उग्रवादियों के साथ हुए हमले में बलिदान हो गए थे। सोमवार की सुबह जवान का पार्थिव देह जैसे ही गांव पहुंची, हर किसी के आखों से आंसू आ गए, बड़े, बच्चे से लेकर बुजुर्ग की आंखें नम हो गई।

विज्ञापन


रंजीत के साथ गुजारे समय के साथ ही उसके साथ बैठकर की गई बातों को याद कर भावुक हो जा रहे थे। गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, इस दौरान बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ ही वन मंत्री केदार कश्यप भी जवान के घर पहुंचे, जहां रंजीत को नम आंखों से विदाई दी गई। 
विज्ञापन


बता दें कि जब से रंजीत के घर में इस बात का पता चला कि उग्रवादियों के साथ हुए हमले में रंजीत कश्यप शहीद हो गए। घर के साथ ही पूरे गांव में मातम छा गया। तीन दिन से परिवार से लेकर दोस्त आदि रंजीत के पार्थिव देह को देखने के लिए दिन-रात मौजूद रहे। सोमवार को जैसे ही जवान का पार्थिव देह जगदलपुर एयरपोर्ट से गृहग्राम बालेंगा पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों के द्वारा उसके अंतिम दर्शन करने के लिए जमा हो गए। परिवार के साथ ही पूरे गांव में सब की आंखे नम थी, वहीं जवान रंजीत की तीन बेटियां भी इस बात को समझ नहीं पा रही थी कि आखिर घर में क्या चल रहा है। रंजीत की पत्नी एक बार अपने पति के देह को देखती तो एक बार अपने बच्चो को निहारती, उसे समझ ही नहीं पा रहा है कि अब इन 3 मासूम बच्चियों को कैसे समझाएगी की उनके पिता अब इस दुनिया में दोबारा नहीं आ पाएंगे।


वहीं पिता अपने बेटे के शव को देखने के बाद इस चिता में डूब गए कि आखिर उनका एकलौता बेटे के जाने के बाद इन बुजुर्ग का सहारा कौन बनेगा, वहीं मां को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि जिस रंजीत को पिछले रविवार को हंसी खुशी के साथ ड्यूटी जाने के लिए विदा किया था, वही रंजीत चार दिन के बाद तिरंगे में लिपट कर अपने घर आएगा। जहां रंजीत के आने से परिवार के साथ ही दोस्तों में हंसी ठिठोली देखा जाता था। वहीं रंजीत पूरे गांव को रुलाकर चला गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed