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पास्टर की दरिंदगी: मां को ठीक करने के बहाने किया दुष्कर्म, पीड़िता ने सुनाई आपबीती
Fri, 29 Aug 2025 08:25 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 29 Aug 2025 08:25 PM IST
सार
जगदलपुर में एक विधवा महिला ने अपनी बीमार मां को ठीक करने के बहाने पास्टर पीलूराम कश्यप पर दुष्कर्म और गर्भवती होने की शिकायत दर्ज की। शादी से इनकार के बाद महिला ने अपनी नवजात बच्ची को मेकाज अस्पताल में छोड़ा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बस्तर जिले के मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में कुछ दिन पहले एक विधवा महिला अपनी नवजात बच्ची को सुरक्षाकर्मी को सौंपकर फरार होने की घटना ने सुर्खियां बटोरी थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने महिला की खोजबीन की, तो उसने अपनी आपबीती सुनाई।
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महिला ने बताया कि पास्टर पीलूराम उर्फ पीलेमन कश्यप (31 वर्ष, निवासी टिकराधनोरा स्कूलपारा, थाना बडांजी) ने उसकी बीमार मां को ठीक करने के बहाने उसे अपने जाल में फंसाया और दुष्कर्म किया। बस्तर थाना प्रभारी सुरेश जांगड़े ने बताया कि पीड़िता ने 28 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज की।
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उसने बताया कि उसकी शादी 2018 में बकावंड निवासी मंगलसाय के साथ हुई थी, लेकिन 2023 में पति की मृत्यु के बाद वह अपने मायके ग्राम फरसागुड़ा मावलीगुड़ा में रह रही थी। इस दौरान उसकी मां की बीमारी के कारण पास्टर पीलूराम से जान-पहचान हुई।
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पीलूराम ने मां को प्रार्थना के जरिए ठीक करने का दावा कर पीड़िता का फोन नंबर लिया और बातचीत शुरू की। 15 दिसंबर 2024 को उसने पीड़िता को भेलवापदर जंगल में बुलाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। आठ अगस्त 2025 को पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन जब उसने पास्टर से शादी की बात की, तो उसने इनकार कर दिया।
लोकलज्जा के डर से पीड़िता ने अपनी नवजात बच्ची को मेकाज अस्पताल में सुरक्षाकर्मी को सौंपकर फरार हो गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पीलूराम कश्यप को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।