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सुकमा: पोगभेज्जी के उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं, व्यवस्था चरमराई; इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण
Fri, 03 Apr 2026 09:49 AM IST
जगदलपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: जगदलपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 09:49 AM IST
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उप स्वास्थ्य केंद्र पर लटका ताला
- फोटो : अमर उजाला
नक्सल प्रभावित रहे सुकमा जिला में भले ही हालात बदलने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अब भी सवालों के घेरे में है। जिले के ग्राम पंचायत पोगभेज्जी में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की कहानी बयां कर रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 3000 की आबादी के लिए बनाए गए इस उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की नियुक्ति ही नहीं है। पूरे केंद्र की जिम्मेदारी महज एक स्टाफ नर्स के भरोसे चल रही है, जबकि अन्य कोई स्वास्थ्यकर्मी भी नियमित रूप से मौजूद नहीं रहता।
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गुरुवार को दोपहर करीब 12:30 बजे उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा हुआ मिला। दिन के समय ही स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों के अनुसार, केंद्र में तैनात एकमात्र नर्स भी नियमित रूप से मौजूद नहीं रहती। वह तीन से चार दिनों में एक बार आती हैं और करीब दो घंटे रुकने के बाद वापस चली जाती हैं। जबकि उप स्वास्थ्य केंद्र में रहने की व्यवस्था भी मौजूद है, फिर भी रात में कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं ठहरता।
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आरोप है कि सामान्य बीमारियों जैसे निमोनिया के इलाज के लिए भी जरूरी इंजेक्शन और दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पोगभेज्जी और सिरसट्टी पंचायत के करीब 3000 ग्रामीण इस एकमात्र उप स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर अमित कुमार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से मांग की है कि यहां नियमित रूप से डॉक्टर और स्टाफ की नियुक्ति की जाए और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।