Jagdalpur: बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट ने शुरु किया उत्पादन, जल्द हो सकती है प्लांट की कमीशनिंग
एनएमडीसी के कार्यवाहक सीएमडी एवं निदेशक अमिताव मुखर्जी ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि देश में जिस दिन चंद्रयान ने चांद ने लैंड किया ठीक उसके अगले दिन बस्तर के स्टील प्लांट में भी उत्पादन की प्रक्रिया अंतिम रूप से शुरू कर दी गई है जो बड़ी उपलब्धि है।
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बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट ने उत्पादन शुरू कर दिया है औद्योगीकरण का वर्षों पुराना सपना आखिरकार बस्तर में पूरा हुआ। साल 2003 से इस प्लांट निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी और 2023 में अब इस प्लांट ने प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। तीन मिलियन टन सालाना की उत्पादन वाले इस एनएमडीसी स्टील प्लांट में हॉट मेटल के उत्पादन के नौ दिन बाद अपने अंतिम उत्पाद एचआर कॉइल का उत्पादन शुरू कर दिया है।
एनएमडीसी के कार्यवाहक सीएमडी एवं निदेशक अमिताव मुखर्जी ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि देश में जिस दिन चंद्रयान ने चांद ने लैंड किया ठीक उसके अगले दिन बस्तर के स्टील प्लांट में भी उत्पादन की प्रक्रिया अंतिम रूप से शुरू कर दी गई है जो बड़ी उपलब्धि है। बीते छह दशक से भी अधिक समय से बस्तर के बैलाडीला से एनएमडीसी लोह अयस्क का खनन कर रहा है लेकिन यह लोह अयस्क देश और विदेश में स्टील उत्पादक संस्थाओं को बेचा जाता था इसका विशेष फायदा बस्तर में नहीं था लेकिन अब एनएमडीसी बस्तर में ही स्टील प्लांट के जारी उत्पादन करेगा जिससे पूरे बस्तर की दिशा बदलेगी स्टील प्लांट के रूप में बड़ा उद्योग शुरू होने से बस्तर के लोगों ने भी खुशी जाहिर की है। माना जा रहा है कि इस स्टील प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री के हाथों जल्द ही किया जाए।
तीन मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता का स्टील प्लांट लगभग रु 25 हजार करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह प्लांट अपने उच्च ग्रेड हॉट रोल्ड स्टील के भंडार के साथ हॉट रोल्ड बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए तैयार है, जो अपनी प्रौद्योगिकी के बल पर कई प्रमुख उपभोक्ता क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करना इसकी ताकत है। नगरनार स्टील प्लांट के उत्पाद मिश्रण में कम कार्बन स्टील, एचएसएलए और डुअल फेज़ स्टील और एपीआई गुणवत्ता वाले स्टील शामिल हैं जिन्हें 1 मिमी 16 तक की मोटाई में रोल किया जा सकता है। 1650 मिमी चौड़ा एचआर रोल करने की क्षमता वाला नगरनार स्टील प्लांट का पतला स्लैब ढलाईकार सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे चौड़ा मिल है।
भारत की नवीनतम और सबसे आधुनिक मिल से आने वाले एचआर कॉइल्स, शीट्स और प्लेट्स देश निर्माण में आवश्यक गुणवत्ता वाले एचआर की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे । इनसे एलपीजी सिलेंडर, पुल, स्टील संरचनाओं, जहाज, बड़े व्यास पाइप, भंडारण टैंक, बॉयलर, रेलवे वैगन, साइकिल फ्रेम, इंजीनियरिंग और सैन्य उपकरण और ऑटोमोबाइल और ट्रक पहियों, फ्रेम और शरीर के हिस्सों का निर्माण होगा । यह संयंत्र बाद के चरण में जनरेटर, मोटर, ट्रांसफार्मर और ऑटोमोबाइल के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले विशेष प्रकार के स्टील का भी उत्पादन करेगा।