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Jagdalpur News: सड़क हादसों में 3% लोगों ने गंवाईं अपनी आंखों की रोशनी, 70% दुर्घटनाएं शराब पीकर वाहन चलाने से

Sun, 16 Jul 2023 05:10 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Sun, 16 Jul 2023 05:10 PM IST
सार

मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ अनुरूप साहू के अनुसार प्रति वर्ष इस प्रकार से अध्ययन किये जाने से बस्तर संभाग के लोगो में नेत्र रोग सम्बंधित जटिलताओं को कम कर दृष्टि की स्थायी हानि को रोका जा सकता है। साथ ही गांव एवं शहर के मरीजों में नेत्र रोग सम्बंधित जागरूकता भी फैलायी जा सकती है। नेत्र रोग  विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर टीसी आडवाणी एवं डॉक्टर मनि किरण कुजूर का भी इस शोध में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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Jagdalpur News: 3% people lost their eyesight in road accidents in jagdalpur
डॉ. छाया शोरी के मार्गदर्शन में डॉ. अनुशा सिंह और डॉ. शगुफ़्ता अमीन ने किया शोध। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में लगातार हो रहे सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। वहीं तमाम लोग इन दुर्घटनाओं के कारण दिव्यांग भी हो रहे हैं। ऐसे में एक शोध में सामने आया है कि हादसे में लोगों की आंखों पर भी असर पड़ा है। इसके चलते तीन फीसदी लोग अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं। इन सड़क हादसों के पीछे का ज्यादातर शराब सामने आया है। हादसों में 70 फीसदी दुर्घटनाएं शराब पीकर वाहन चलाने के कारण हुई हैं। यह शोध शहीद महेंद्र कर्मा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय डिमरापाल में नेत्र रोग विभागध्यक्ष डॉ. छाया शोरी के मार्गदर्शन में स्नाकोत्तर छात्राओं ने किया है। 

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इंडेक्स्ड जर्नल में भी प्रकाशित हुआ शोध
बस्तर में पहली बार किए गए इस शोध का उद्देश्य यह पता लगाना था की संभाग में यातायात सम्बंधित हादसे की वजह से किस प्रकार की नेत्र क्षति होती हैं। शोध से पता चलता हैं की बस्तर संभाग में करीब  85 प्रतिशत दुर्घटनाग्रस्त मरीजों ने हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग नहीं किया था। जिस वजह से उन्हें नेत्र के अलावा शरीर के अन्य अंगो में भी क्षति पहुंची थी। लगभग तीन प्रतिशत मरीजों में गंभीर नेत्र क्षति की वजह से रोशनी पूरी तरह चली गई। छात्राओं डॉ. अनुशा सिंह और डॉ. शगुफ़्ता अमीन का रिसर्च देश के प्रसिद्ध इंडेक्स्ड जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है। 
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शुगर से 64 फीसदी मरीजों की आंखों को नुकसान
एक अन्य शोध में शुगर की बीमारी से आंखों के पिछले परदे रेटिना में होने वाले हानिकारक परिवर्तनों की गंभीरता का अध्ययन किया गया। जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में की गयी इस रिसर्च से मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में आने वाले शुगर के मरीजों में से 64 % प्रतिशत मरीजों के रेटिना में गंभीर नुकसान देखा गया। स्टडी में शुगर की वजह से रेटिना में दिखने वाले घातक प्रभावों की तीव्रता के तीन मुख्य कारण सामने आये, जैसे कि अनियंत्रित ब्लड शुगर, लम्बी अवधि से शुगर की बीमारी होना एवं किडनी सम्बंधित समस्या का होना।

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