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Jagdalpur: फ्रांस के दंपती को पसंद आई बस्तर की खेती-बाड़ी, फिलिप बोले- यहां कि संस्कृति अपने आप में धरोहर है
Tue, 21 Mar 2023 03:35 PM IST
अभिषेक वर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अभिषेक वर्मा
Updated Tue, 21 Mar 2023 03:35 PM IST
सार
फ्रांस से बस्तर घूमने आए दंपती को यहां पर किसानों द्वारा की जा रही खेती काफी पसंद आई। उन्होंने साप्ताहिक बाजार भी घूमा और लोगों से बातचीत की।
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बस्तर जिले के पुलिस जवानों के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
यूं तो बस्तर में रोजाना दर्जनों विदेशी लोगों का जमावाड़ा लगा रहता है। लेकिन फ्रांस में कृषि विभाग में काम करने वाले फिलिप को यहाँ पर उगने वाले चावल के साथ ही खेती-बाड़ी काफी पसंद आई। वह भारत की यात्रा अपनी पत्नी के साथ आठ बार कर चुके हैं। लेकिन बस्तर पहली बार आते ही उन्हे भा गया। जिसके बारे में खुलकर तारीफ करने के साथ ही बस्तर जिले के पुलिस जवानों के साथ एक यादगार तस्वीर भी खिंचवाई।
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फ्रांस में 62 वर्ष तक कृषि विभाग में कार्य करने वाले फिलिप अपनी पत्नी मूरियल 61 वर्ष के साथ पहली बार बस्तर 11 मार्च को आए। जहां राजिम से लेकर सिरपुर, भैरमदेव के अलावा अन्य जगहों पर घूमने के बाद बस्तर पहुंचे। फिलिप ने बताया की कृषि क्षेत्र में काम करने के दौरान जब भी उन्हें मौका मिलता अपनी पत्नी के साथ घूमने के लिए निकल जाते हैं।
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वह बस्तर आने के बाद यहां के किसानों के द्वारा की जा रही खेती बाड़ी को देखकर काफी खुश हैं। इसके अलावा यहां उत्पन्न होने वाली फसलों के बारे में भी किसानों से बात करने के साथ ही हर एक पल को अपने कैमरे में कैद किया। उनकी पत्नी मुरियल कॉस्मेटिक कंपनी में सेकेट्री के पद पर तैनात हैं।
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उनका कहना है की बस्तर के लोग काफी अच्छे हैं, यहां लगने वाले बाजार में आने वाले लोग भी बड़े ही शालीनता से सेवा करने के साथ ही अपनी संस्कृति से परिचय कराते हैं। यहां की आदिवासी संस्कृति काफी अच्छी है। जिससे लोग बहुत जल्द ही जुड़ जाते हैं। आज तीरथगढ़ के अलावा आसपास के खूबसूरती को निहारने के बाद 22 मार्च को ओडिसा होते हुए अपने देश वापस चले जायेंगे।