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सुकमा में डिप्टी सीएम: विजय शर्मा ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों से की चर्चा, पंचायत प्रतिनिधियों से किया संवाद
Sun, 13 Apr 2025 08:53 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 13 Apr 2025 08:53 PM IST
सार
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने शनिवार को सुकमा पहुंचकर नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात कर उनके वर्तमान हालात, सरकार की पुनर्वास नीति तथा उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली।
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सुकमा में डिप्टी सीएम विजय शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शनिवार को सुकमा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात कर उनके वर्तमान हालात, सरकार की पुनर्वास नीति तथा उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। वहीं, कलेक्ट्रेट कार्यालय में नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों के सरपंचों, जनपद सदस्यों और जिला पंचायत प्रतिनिधियों के साथ माओवाद मुक्त बस्तर के निर्माण को लेकर व्यापक चर्चा की।
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उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में शांति स्थापना और सामाजिक समावेश की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से संवाद करते हुए उनके पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और समावेशन की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि सरकार उनके समुचित पुनर्वास हेतु प्रतिबद्ध है। शासन की ओर से सभी जरूरी दस्तावेज – राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आईडी और राजस्व संबंधी प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे।
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उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को लघुवनोपज आधारित प्रसंस्करण एवं कृषि संबंधित रोजगारमूलक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में एक नियमित प्रशिक्षक (रेगुलर इंस्ट्रक्टर) की नियुक्ति तथा कौशल उन्नयन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। साथ ही केंद्र में एक देवस्थली की स्थापना कर नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था करने को भी कहा।
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डिप्टी सीएम ने सुकमा में पंचायत प्रतिनिधियों से किया संवाद
उधर, कलेक्ट्रेट कार्यालय में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से परिचय प्राप्त किया और उनके क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास की अपार संभावनाएं हैं और यहां के बच्चे अत्यंत प्रतिभाशाली हैं। माओवाद के कारण विकास की प्रक्रिया बाधित होती है, जिसे समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान करते हुए कहा कि जो माओवाद की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आना चाहें, उनका पुनर्वास राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। आत्मसमर्पित नक्सलियों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी तथा उन्हें 4-5 महीने के आवासीय कौशल प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा, जिसमें रहने-खाने की सुविधा के साथ-साथ 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
माओवाद मुक्त पंचायतों को मिलेगी 1 करोड़ रुपये की विकास निधि
उन्होंने बताया कि माओवाद मुक्त पंचायत घोषित होते ही संबंधित ग्राम पंचायत को 1 करोड़ रुपये की विकास निधि स्वीकृत की जाएगी। जनपद एवं जिला पंचायत सदस्यों को भी पृथक से विकास कार्यों के लिए राशि दी जाएगी। साथ ही संबंधित गांवों को बस सेवा, मोबाइल नेटवर्क और बिजली कनेक्टिविटी से भी जोड़ा जाएगा, उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों से प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के पंजीयन हेतु जागरूक करने का आग्रह किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हम सभी मिलकर जल्द ही माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का सपना साकार करेंगे।