वृक्ष संपदा योजना: GPM में हितग्राहियों को मिले 20 लाख, बस्तर में 37 लाख पौधरोपण का लक्ष्य; जानें इसके फायदे
मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना छत्तीसगढ़ में वाणिज्यिक पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। योजना सभी वर्ग के किसानों की पड़त भूमि पर होगी। इसमें 33 जिलों के 23 हजार 600 किसानों द्वारा 36 हजार 230 एकड़ में पौधरोपण किया जाएगा।
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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को वर्चुअली वृक्ष संपदा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के तेंदुपत्ता संग्राहक 11 हितग्राहियों के खाते में 20.30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। वहीं बस्तर जिले में योजना के माध्यम से साल 2023 के लिए 2083 हितग्राहियों की ओर से 4694 एकड़ जमीन पर 37 लाख 14 हजार 36 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान लोगों को योजना की विस्तार से जानकारी दी गई और उसके फायदे भी बताए गए।
बस्तर में 1500 पौधों के रोपण के साथ शुरुआत
जगदलपुर शहर के धरमपुरा दलपत सागर के पास हुए कार्यक्रम में हितग्राही टी कोंडल राव की जमीन में 1500 पौधों का रोपण किया गया। वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर 33 जिलों के 42 स्थानों में वृक्ष संपदा योजना का शुभारंभ किया है। इस अवसर पर सामुदायिक वन संसाधन अधिकार जारी करने की प्रक्रिया को ट्रेक करने के लिए मोबाइल एप और और एनटीपीएस (ट्रांसपोर्ट परमिशन) की आनलाइन सुविधा का लोकार्पण किया गया।
प्रदेश के 1458 हितग्राहियों के खाते में 22 करोड़ ट्रांसफर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद महेन्द्र कर्मा सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1458 हितग्राहियों के खाते में 22 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण किया। बस्तर जिले में पांच हितग्राहियों को उपस्थित अतिथियों ने चेक वितरण किया। इस वर्ष प्रदेश में 12 प्रकार की प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें क्लोनल यूकलिप्टस, रूटशूट टीक, टिश्यू कल्चर, चंदन, मेलिया डुबिया, सामान्य बांस, टिश्यू कल्चर बम्बू, रक्त चंदन, आंवला, खमार, शीशम तथा महानीम आदि के पौधे रोपे जाएंगे। जबकि बस्तर में सागौन, नीलगीरि, सफेद चंदन, बांस और मेलिया डुबिया (मालाबार नीम) का रोपण किया जा रहा है।
किसानों को समृद्ध बनाने की योजना
पेंड्रा में आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना किसानों को समृद्ध बनाने के लिए है। कलेक्टर प्रियंका ऋषि महोबिया ने कहा कि यह योजना अगले पांच वर्षों में बहुत ज्यादा फायदा देने वाली है। योजना की पात्रता रखने वाले सभी लोगों को अपने पड़ती भूमी पर जिसका उपयोग फसल के लिए नहीं किया जा रहा है, उसमें इस योजना के तहत पौधे लगाकर स्वयं लाभ लें। साथ ही दूसरों को भी प्रेरित करें। डीएफओ सत्यदेव शर्मा ने भी योजना के लाभ के बारे में बताया।
वाणिज्यिक पौधरोपण को बढ़ावा देने की योजना
मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना छत्तीसगढ़ में वाणिज्यिक पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। योजना सभी वर्ग के किसानों की पड़त भूमि पर होगी। इसमें 33 जिलों के 23 हजार 600 किसानों द्वारा 36 हजार 230 एकड़ में पौधरोपण किया जाएगा। योजना में राज्य शासन की ओर से पांच एकड़ तक पौधरोपण के लिए 100 प्रतिशत, पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाएगा। इससे किसानों को सालाना प्रति एकड़ 15 से 50 हजार रुपए तक की आय होने का अनुमान है। साथ ही कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को अतिरिक्त आय होगी।
यह लोग ले सकते हैं योजना का लाभ
किसान, इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध शासकीय व शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायत और भूमि अनुबंध धारक मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना का उद्देश्य वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण के बाद सहयोगी संस्था-निजी कंपनियों के माध्यम निर्धारित समर्थन मूल्य पर वनोपज के क्रय की व्यवस्था करते हुए एक सुदृढ़ बाजार सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही स्थानीय रोजगार और किसानों की आय में वृद्धि करना है। पर्यावरण में सुधार व जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभाव को कम किया जा सकता है।