{"_id":"6443c721ec7194691b04c8d8","slug":"chhattisgarh-children-made-dolls-marriage-on-akshaya-tritiya-in-kanker-2023-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्ती तिहार पर रचाई गुड्डे-गुड़िया की शादी: गली-मोहल्लों में सजे मंडप, विवाह गीत पर बच्चों के साथ बड़े भी झूमे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्ती तिहार पर रचाई गुड्डे-गुड़िया की शादी: गली-मोहल्लों में सजे मंडप, विवाह गीत पर बच्चों के साथ बड़े भी झूमे
Sat, 22 Apr 2023 05:08 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Sat, 22 Apr 2023 05:08 PM IST
सार
छोटे से नगाड़े के साथ बॉक्स में बज रहे फिल्मी गीत पर झूमते हुए नन्हें-मुन्हें बराती निकले। घरातियों ने भी उनका स्वागत किया। सारा इंतजाम बच्चों की ओर से किया गया था। अक्ती के मौके पर गांव के गली मोहल्लों में विवाह गीत बजते रहे।
विज्ञापन
अक्षय तृतीया में बच्चों ने रचाई गुड्डे-गुड़िया की शादी।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार को अक्षय तृतिया (आक्ती तिहार) का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही ग्रामीण अंचलों में गुड्डे-गुड़िया की शादी रचाई गई। इस दौरान हर गली-मोहल्ले में मंडप सजे। विधिवत विवाह की परंपराएं निभाई गईं और गुड्डे-गुड़ियों की शादी की। विवाद गीत बजते रहे और बच्चों से लेकर बड़ों तक ने उस पर जमकर डांस किया। शादी के बाद गुड़ियों की विदाई की भी रस्म निभाई गई। वहीं किसानों ने अपने खेतों में पहुंच कर बीज की बोआई की।
विज्ञापन
अक्षय तृतीया पर पर सबसे ज्यादा बच्चों में उत्साह दिखाई दिया। बच्चों को पर्व का महत्व बताने गुड्डे-गुड़ियों की शादी रचाई गई। घरों में बच्चों की टोली ने बड़ों के साथ मिलकर मंडप सजाया। फिर विधि-विधान के साथ गुड्डे-गुड़ियों की शादी की। छोटे से नगाड़े के साथ बॉक्स में बज रहे फिल्मी गीत पर झूमते हुए नन्हें-मुन्हें बराती निकले। घरातियों ने भी उनका स्वागत किया। सारा इंतजाम बच्चों की ओर से किया गया था। अक्ती के मौके पर गांव के गली मोहल्लों में विवाह गीत बजते रहे।
विज्ञापन
इससे पहले बच्चों ने गुड्डे-गुड़ियों के ब्याह का निमंत्रण दिया। गुड़िया की शादी में बच्चों ने चूलमाटी से लेकर हल्दी चढ़ाने की रस्म निभाई। एक आम शादी की तरह ही सभी रस्म पूरी की गई। बच्चों का पक्ष गुड्डे और दूसरा पक्ष गुड़िया के साथ रहा। मंडप तक बरात पहुंचे और विवाह की रस्म पूरी की। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए परिवारजन और मोहल्ले वासी भी पहुंचे। गुड्डे-गुड़िया को पीले चावल का तिलक लगाते हुए टिकवन भेट किया। फिर मंडप में बच्चों का उत्साहवर्धन करने बड़ों ने टिकावन दिया।
विज्ञापन