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CRPF की 'डेयरडेविल्स' में बस्तर की 'सारा': टीम के साथ पहुंची कोंडागांव, बोलीं- बेटियां खूब पढ़ें, खूब बढ़ें

Thu, 23 Mar 2023 10:07 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोंडागांव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोंडागांव Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Thu, 23 Mar 2023 10:07 PM IST
सार

महिला कमांडो नौ मार्च को दिल्ली के इंडिया गेट से चली थीं और बुलेट से 1800 किमी  से ज्यादा लंबा सफर तय कर पहुंची हैं। टीम में 75 महिला कमांडो शामिल हैं। यह सभी बस्तर में CRPF के 84वें स्थापना दिवस पर 25 मार्च को होने वाली परेड में शामिल होंगी। 

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bastar daughter 'Sara' is also in CRPF women commando team reached chhattisgarh
सीआरपीएफ की महिला कमांंडो में बस्तर की सारा भी शामिल हैं। - फोटो : संवाद

विस्तार

आजादी के अमृत महोत्सव पर CRPF की महिला बटालियन ‘डेयरडेविल्स’ बुलेट पर सवार होकर गुरुवार को छत्तीसगढ़ के कोंडागांव पहुंची है। यह सभी बस्तर में CRPF के 84वें स्थापना दिवस पर 25 मार्च को होने वाली परेड में शामिल होंगी। इन महिला कमांडो में बस्तर के एक छोटे से गांव की सारा कश्यप भी शामिल हैं। कोंडागांव पहुंचने पर इन सभी का खूब स्वागत किया गया। यहां से इन महिला कमांडो बाइकर्स की टीम शुक्रवार को रवाना होकर बस्तर के करनपुर पहुंचेगी। 

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सारा बस्तर के गांव राजूर की रहने वाली हैं। सारा कहती हैं कि बस्तर की मिट्टी में ही कुछ खासियत है। यहां के बच्चों में भी पर्याप्त टैलेंट है। जरूरी है उसे सही दिशा दिखाने की। कहती हैं कि बच्चियां खूब पढ़ें, खूब आगे बढ़ें, तभी हमारा जिला प्रदेश और देश विकसित हो पाएगा। उन्होंने हर आदिवासी अभिभावक से भी अपील की है कि वे अपनी बेटियों को स्कूली शिक्षा के साथ ही उच्च शिक्षा भी दिलवाएं, ताकि वे हर उस मुकाम को हासिल कर सकें, जिसकी वे हकदार हैं। 
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दल के साथ आई असिस्टेंट कमांडेंट कहती हैं कि उनकी आयु 56 साल है। वह लंबे समय से सीआरपीएफ में सेवाएं दे रही हैं। दल में शामिल 90 फ़ीसदी युवतियां ऐसी हैं, जिन्होंने पहले भी बस्तर में सेवाएं दी हैं। इसलिए बस्तर किसी के लिए नया नहीं है। पहले की तुलना में अब के बस्तर को उन्होंने ज्यादा अच्छा और बदला हुआ बताया। यह महिला कमांडो नौ मार्च को दिल्ली के इंडिया गेट से चली थीं और बुलेट से 1800 किमी  से ज्यादा लंबा सफर तय कर पहुंची हैं। टीम में 75 महिला कमांडो शामिल हैं। 

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