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Raipur News: पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक निपटान के लिए नगर निकायों को स्थल तय करने के निर्देश
Thu, 20 Nov 2025 06:38 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 20 Nov 2025 06:38 PM IST
सार
कलेक्टर–एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी शहरी निकायों को पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान के लिए उपयुक्त स्थल निर्धारित करने के निर्देश जारी किए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायपुर में कलेक्टर–एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी शहरी निकायों को पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान के लिए उपयुक्त स्थल निर्धारित करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय मानकों और जैव-सुरक्षा नियमों के अनुरूप मृत पशुओं का निपटान 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
मंत्रालय से जारी परिपत्र में नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में गौवंशीय एवं अन्य पशुओं के मृत शरीर के निपटान हेतु तत्काल उपयुक्त और पृथक स्थल का चयन करें। यह स्थल आबादी से पर्याप्त दूरी पर और सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
विभाग ने कहा है कि मृत पशुओं के निपटान हेतु निर्धारित स्थान पर ही प्रक्रिया का पालन किया जाए तथा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। परिपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृत पशुओं के निपटान से संबंधित प्रावधान छत्तीसगढ़ नगरपालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 258, आदर्श उपविधि 2002, तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 289 में स्पष्ट रूप से वर्णित हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के अंतर्गत मृत पशुओं के निपटान की सेवा 48 घंटे की समय-सीमा में प्रदान करना अनिवार्य है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित नगर निकायों की होगी।
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मंत्रालय से जारी परिपत्र में नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में गौवंशीय एवं अन्य पशुओं के मृत शरीर के निपटान हेतु तत्काल उपयुक्त और पृथक स्थल का चयन करें। यह स्थल आबादी से पर्याप्त दूरी पर और सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
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विभाग ने कहा है कि मृत पशुओं के निपटान हेतु निर्धारित स्थान पर ही प्रक्रिया का पालन किया जाए तथा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। परिपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृत पशुओं के निपटान से संबंधित प्रावधान छत्तीसगढ़ नगरपालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 258, आदर्श उपविधि 2002, तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 289 में स्पष्ट रूप से वर्णित हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के अंतर्गत मृत पशुओं के निपटान की सेवा 48 घंटे की समय-सीमा में प्रदान करना अनिवार्य है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित नगर निकायों की होगी।
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