Narayanpur: कई मांगों को लेकर डॉक्टरों और नर्सों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था
लंबे समय से छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सकों, नर्सेज एवम RHO के लंबित मांगों को लेकर संघर्षरत हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नारायणपुर में वेतन विसंगति सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन 21 अगस्त से हड़ताल शुरू कर दिया गया है। इसमें मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उप स्वस्थ्य केंद्र के सभी डॉक्टर, नर्स एवं RHO स्वास्थ्य सेवाएं को छोड़ हड़ताल में चले गए हैं।
उल्लेखनीय है कि लंबे समय से छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सकों, नर्सेज एवम RHO के लंबित मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। बार-बार आवेदन निवेदन के बाद भी शासन प्रशासन से कोई कार्रवाई नहीं होने पर फेडरेशन आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर हो गए हैं।
सिडा प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर इकबाल हुसैन ने बताया कि छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों के लिए बने पे स्ट्रक्चर में अव्यावसायिक भत्ता की पात्रता है, परंतु राज्य सरकार जहां मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को अव्यवसायिक भत्ता दे रही है, वहीं सुदूर ग्राम में कार्यरत डॉक्टर को इससे वंचित रख कर हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा था, पुलिस विभाग की तरह डॉक्टर और नर्स भी अवकाश के दोनों एवं रात्रि काल में भी आपातकाल के साथ अन्य चिकित्सकीय सेवाएं देते हैं लेकिन इन्हें किसी अन्य प्रकार का मानदेय नहीं दिया जाता है। जैसे पुलिस विभाग में अतिरिक्त माह का वेतन प्रदान किया जाता है।