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अवैध रेत खनन: दोषी को तीन साल के कारावास की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा- इंसान पैसे को खा नहीं सकता

Thu, 29 Oct 2026 02:22 PM IST
अमन कोशले न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 29 Oct 2026 02:22 PM IST
सार

अरपा नदी के नगाई घाट में अवैध रेत उत्खनन और चोरी के मामले में अदालत ने कुंवर सिंह कंवर को 3 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले में कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि इंसान पैसे को खा नहीं सकता।

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Illegal sand mining: While sentencing accused to 3 years imprisonment, court said- a person cannot eat money
अवैध रेत खनन पर अदालत ने की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अरपा नदी से अवैध रूप से रेत चुराने के मामले में अदालत ने आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि आखिरी पेड़ कटने, नदी के जहरीली होने और आखिरी मछली पकड़े जाने के बाद ही इन्सान को यह समझ आएगा कि वह पैसे को खा नहीं सकता। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अवैध उत्खनन पर अदालत की सख्त कार्रवाई
अदालत ने अरपा नदी के नगाई घाट में अवैध रूप से रेत उत्खनन और चोरी के मामले में आरोपी कुंवर सिंह कंवर को दोषी ठहराया। इस मामले में वर्ष 2025 में कोटा थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धाराओं 4(1), 4(1क) तथा 21 के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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पर्यावरण क्षति पर अदालत का संदेश
विशेष न्यायाधीश ने फैसले में अमेरिका की आदिम जनजाति की एक प्रसिद्ध कहावत का उल्लेख करते हुए प्रकृति को पहुंचाए जा रहे नुकसान के गंभीर असर को रेखांकित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर जीवन और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। इसके साथ ही फैसले में पोप फ्रांसिस की टिप्पणी का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिसमें जैव विविधता को नष्ट करने को ईश्वर की रचना की अखंडता पर हमला करार दिया गया है।
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