फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Hirabai Jhareka Baghel, pride of Chhattisgarh, will be honored in the Handicrafts Award 2025.

Chhattisgarh: हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 में छत्तीसगढ़ का गौरव, हिराबाई झरेका बघेल होंगी सम्मानित

Fri, 05 Dec 2025 08:09 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 05 Dec 2025 08:09 PM IST
सार

कपड़ा मंत्रालय 9 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 में देशभर के चुनिंदा शिल्पियों को सम्मानित करेगा।

विज्ञापन
Hirabai Jhareka Baghel, pride of Chhattisgarh, will be honored in the Handicrafts Award 2025.
छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हिराबाई झरेका बघेल का विशेष रूप से गौरव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कपड़ा मंत्रालय 9 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 में देशभर के चुनिंदा शिल्पियों को सम्मानित करेगा। इस बार छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय यह है कि जगदलपुर की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हिराबाई झरेका बघेल को धातुकला (बेल मेटल) में उनके उत्कृष्ट कौशल के लिए विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
विज्ञापन


कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मरगेरीटा विशिष्ट अतिथि होंगे।
विज्ञापन


राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कारों की शुरुआत 1965 में हुई थी, जिनका उद्देश्य उन शिल्पियों को सम्मानित करना है जिनके कार्यों ने भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है। वहीं, 2002 में शुरू किए गए “शिल्प गुरु” पुरस्कार हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान माने जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह आयोजन राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह (8–14 दिसंबर) का मुख्य आकर्षण भी है। सप्ताह भर देशभर में हस्तकला प्रदर्शनियाँ, कार्यशालाएँ, क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम, शिल्प प्रदर्शन, पैनल चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य हस्तशिल्प की सामाजिक और आर्थिक महत्ता को बढ़ावा देना है।


भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में करोड़ों परिवारों की आजीविका भी इससे जुड़ी है। कपड़ा मंत्रालय कौशल विकास, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्धता जैसे उपायों के माध्यम से शिल्पियों को निरंतर समर्थन प्रदान कर रहा है। हस्तशिल्प पुरस्कार और राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह जैसे आयोजन देश के पारंपरिक शिल्प समुदायों को नई ऊर्जा और पहचान देने का उद्देश्य रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed