{"_id":"6393177b916fc43eaf186277","slug":"hi-tech-corruption-happens-in-online-tenders-azad-manch","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Chhatisgarh News: भ्रष्टाचार के खिलाफ आजाद मंच ने आवाज की बुलंद, आंदोलन का किया आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhatisgarh News: भ्रष्टाचार के खिलाफ आजाद मंच ने आवाज की बुलंद, आंदोलन का किया आगाज
Fri, 09 Dec 2022 05:05 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क छत्तीसगढ़
अमर उजाला नेटवर्क छत्तीसगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 09 Dec 2022 05:05 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आजाद मंच ने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर अपने दूसरे आंदोलन का आगाज कर दिया है। जिसे लेकर आजाद मंच प्रमुख विक्रांत तिवारी ने कहा कि पर लगाम जरूरी है।
विज्ञापन
विक्रांत तिवारी, आजाद मंच प्रमुख
- फोटो : वीडियो ग्रेब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आजाद मंच ने बिलासपुर प्रेस क्लब में अपने पहले आंदोलन के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद ने दूसरे आंदोलन का आगाज किया। इनका पहला आंदोलन सिटी बस संचालन था, अब दूसरा आंदोलन फाइट अगेंस्ट करप्शन है। आजाद मंच प्रमुख विक्रांत तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार सरकारी प्रोटोकॉल बनता जा रहा है, जिसने छत्तीसगढ़ को दीमक की तरह अंदर से खोखला करना शुरू कर दिया है। इस दीमक की दवा बन कर इसे खत्म करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच कुछ समय पहले सामने आई, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को हर हाथ काम जैसी सोच के साथ ठेका पद्धति में काम दिलाने के लिए पंजीकृत करवाया और एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उन्हें काम मिलने का भरोसा दिलाया, किंतु आज इस तरीके के भ्रष्टाचारी जो कमीशन खोरी के चक्कर में सिर्फ उन युवाओं के भविष्य के साथ ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच पर भी चोट पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन
जिसमें युवाओं को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए ऐसी योजनाओं सार्वजनिक जिसे मुख्यमंत्री ने की थी। आज ऑनलाइन टेंडरों को विभाग उनके अधिकारी कर्मचारी लगातार मजाक का विषय बना चुके हैं। अगर नगरी निकाय विभाग की बात की जाए तो सिर्फ कमीशन के कारण ही करोड़ों के काम महीनों तक रुके पड़े रहते हैं। ऐसे कई मामले आज हमारे ही आसपास की नगर पंचायतों में देखे जा रहे हैं।
विज्ञापन