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Raipur News: गुढ़ियारी थाना बना हाईटेक, 'ई-मालखाना' सिस्टम से अब डिजिटल होगी जब्त सामान की निगरानी
Tue, 07 Jul 2026 07:14 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 07 Jul 2026 07:14 PM IST
सार
राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना में जब्त किए गए सामान के रखरखाव और रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
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गुढ़ियारी थाना बना हाईटेक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना में जब्त किए गए सामान के रखरखाव और रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने थाना परिसर में ‘ई-मालखाना’ प्रणाली का शुभारंभ किया। नई व्यवस्था के जरिए जब्त सामान का डिजिटल रिकॉर्ड, सुरक्षित संधारण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
यह प्रणाली डीसीपी नॉर्थ जोन के मार्गदर्शन में गुढ़ियारी थाना प्रभारी और मालखाना स्टाफ के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है। शुभारंभ के दौरान अधिकारियों को ई-मालखाना की कार्यप्रणाली का डेमो भी दिया गया, जिसमें डिजिटल पंजीयन, बारकोड आधारित पहचान, रैकवार संधारण और रिकॉर्ड ट्रैकिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
नई व्यवस्था लागू करने से पहले थाना परिसर में रखे सभी जब्त सामान का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसके बाद सामग्री को रैकवार व्यवस्थित करते हुए A1, A2, B1, B2 जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया। प्रत्येक सामान पर बारकोड लगाकर उसका सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल पंजीयन किया गया है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ई-मालखाना प्रणाली लागू होने से जब्त सामान जमा करने, निकालने और उसकी लोकेशन तलाशने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगी। साथ ही जब्त वस्तुओं की डिजिटल ट्रैकिंग से ‘चेन ऑफ कस्टडी’ भी सुरक्षित रहेगी, जिससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
इस अवसर पर डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर, डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल, अतिरिक्त डीसीपी आकाश मरकाम, सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग का मानना है कि यह पहल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में तकनीक आधारित पारदर्शी और प्रभावी अभिलेख प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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यह प्रणाली डीसीपी नॉर्थ जोन के मार्गदर्शन में गुढ़ियारी थाना प्रभारी और मालखाना स्टाफ के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है। शुभारंभ के दौरान अधिकारियों को ई-मालखाना की कार्यप्रणाली का डेमो भी दिया गया, जिसमें डिजिटल पंजीयन, बारकोड आधारित पहचान, रैकवार संधारण और रिकॉर्ड ट्रैकिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
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नई व्यवस्था लागू करने से पहले थाना परिसर में रखे सभी जब्त सामान का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसके बाद सामग्री को रैकवार व्यवस्थित करते हुए A1, A2, B1, B2 जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया। प्रत्येक सामान पर बारकोड लगाकर उसका सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल पंजीयन किया गया है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ई-मालखाना प्रणाली लागू होने से जब्त सामान जमा करने, निकालने और उसकी लोकेशन तलाशने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगी। साथ ही जब्त वस्तुओं की डिजिटल ट्रैकिंग से ‘चेन ऑफ कस्टडी’ भी सुरक्षित रहेगी, जिससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
इस अवसर पर डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर, डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल, अतिरिक्त डीसीपी आकाश मरकाम, सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग का मानना है कि यह पहल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में तकनीक आधारित पारदर्शी और प्रभावी अभिलेख प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।