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दो हाथियों को आतंक: मरवाही में किसानों की फसलों को ज्यादा नुकसान, ग्रामीणों में भारी गुस्सा
Tue, 11 Jun 2024 10:22 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मरवाही
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 11 Jun 2024 10:22 AM IST
सार
मरवाही इलाके में दो हाथियों का आतंक देखने को मिला। इन हाथियों ने किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
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हाथियों ने मचाया उत्पात
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के मरवाही में एक बार फिर हाथियों का आतंक देखने को मिला है। मरवाही वनमंडल में दो हाथियों का समूह लगातार विचरण कर रहा है। विवरण के साथ जंगल से लगे कई गांवों के किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
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दरअसल, दो हाथियों का समूह पिछले दिनों मध्य प्रदेश की सीमा से होते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के मरवाही वन परिक्षेत्र के घुसरिया बीट अंतर्गत कक्ष क्रमांक 2051 में पहुंचे गए और पिछले 25 दिनों से ये दोनों हाथी दिन में तो आराम करते हैं और उसके बाद देर शाम होने पर पहाड़ से उतरकर जंगल से लगे चिचगोहना, कुम्हारी घुसरिया आदि आधा दर्जन से अधिक गांवो के किसानों के खेतों में लगी धान एवं अन्य तरह की फसलों को निरंतर अपना आहार बना रहे हैं।
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जिसमें से एक हाथी विगत 25 दिनों से जो एक दांत वाला है और दूसरा हाथी, जो दो दांत वाला है। विगत एक सप्ताह से साथ में दोनों मिलकर विचरण कर रहे हैं। दो हाथियों के निरंतर विचरण से वन परिक्षेत्र मरवाही के ग्रामीण परेशान है, जो रात-रात भर जागरण कर अपने खेतों में लगी फसलों को बचाने का प्रयास करते हैं।
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बीती शाम भी ये दोनों हाथी पहाड़ से उतरकर तालाब में पानी पीने, सोननदी में नहाने बाद अंधेरा होते ही घुसरिया गांव के मंजीदटोला से चिचगोहना गांव में धान की फसल खा ली। हाथियों के द्वारा लगातार किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने से ग्रामीणों में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।
वन विभाग के पास हाथियों से निपटने के लिए कोई भी उपाय नहीं है। वो सिर्फ हाथियों की निगरानी ही करते हैं और जिस ओर हाथियों के जाने की जानकारी मिलती है। उस ओर पड़ने वाले गावों के ग्रामीणों को मुनादी के जरिये सतर्क रहने की जानकारी देते है।