फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Gorella-Pendra-Marwahi News ›   Quack doctor took the life of an innocent child was negligent in treatment in Gaurela Pendra Marwahi

GPM: झोलाछाप डॉक्टर ने ली मासूम बच्चे की जान, इलाज में बरती लापरवाही, चुप रहने के लिए दिए दस हजार रुपये

Sat, 25 Nov 2023 02:45 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 25 Nov 2023 02:45 PM IST
सार

स्वास्थ्य सुविधाओं की लचर व्यवस्था का परिणाम झोलाछाप डॉक्टर है,और यह झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की फैली अवस्थाओं का फायदा उठा कर गांव-गांव में प्रतिदिन ना जाने कितने ही लोगों की जान से खेलते हैं और इस तरीके की घटना को अंजाम देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य अमला  ऐसे लोगों पर कार्रवाई की बात  करता है परंतु कभी परिणाम तक नहीं पहुंच पाता।

विज्ञापन
Quack doctor took the life of an innocent child was negligent in treatment in Gaurela Pendra Marwahi
बच्चे के परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गौरेला पेंड्रा मरवाही में गोरेला ब्लॉक के ठेंगाडांड़ गांव में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से छह साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई, बच्चे को मामूली बुखार था, झोलाछाप डॉक्टर ने लापरवाही पूर्वक इलाज कर उसके नस में कोई दवा चढ़ाई और उसके बाद कुछ ही समय के बाद मासूम की मौत हो गई।

विज्ञापन


गौरेला विकासखंड के ठेंगाडांड़ गांव में मंगल सिंह राठौर के घर में छह साल के मासूम अंकुश राठौर की 23 अक्तूबर की रात हल्का बुखार आया जिसके बाद अगले दिन बच्चे के माता-पिता उसे  खोडरी गांव में इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर राम सिंह राठौर के निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे जहां पर बिना कुछ जांच पड़ताल एवं बिना किसी प्रशिक्षण के झोलाछाप डॉक्टर राम सिंह राठौर ने बच्चे के नस में एच शेड्यूल का एंटीबायटिक मोनोसेफ 500 इंजेक्शन लगाया जिसके तुरंत बाद मासूम बच्चे की तबीयत और बिगड़ने लगी तो झोलाछाप डॉक्टर राम सिंह राठौर ने तुरंत उसको डेकसोना (जीवन रक्षक ) इंजेक्शन लगा दिया। तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो ड्रिप चढ़ाने लगा शरीर ठंडा पड़ने लगा और जब बच्चा शांत हो गया तो, तो झोलाछाप डॉक्टर राम सिंह राठौर ने बच्चे और उसके परिवार के लोगो को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास पहुंचा। सशिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ने बच्चे को मृत बताया।  बच्चे की मौत के बाद झोलाछाप डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि  कहीं भी शिकायत करोगे तो पोस्टमार्टम करना पड़ेगा यह कहते हुए उन्हें शांत रहने के लिए दस हजार रुपये भी दिया।
विज्ञापन


स्वास्थ्य सुविधाओं की लचर व्यवस्था का परिणाम झोलाछाप डॉक्टर है,और यह झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की फैली अवस्थाओं का फायदा उठा कर गांव-गांव में प्रतिदिन ना जाने कितने ही लोगों की जान से खेलते हैं और इस तरीके की घटना को अंजाम देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य अमला  ऐसे लोगों पर कार्रवाई की बात  करता है परंतु कभी परिणाम तक नहीं पहुंच पाता।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed