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GPM: मरवाही वन मंडल के गगनई नेचर कैंप के पास मादा भालू की मौत, शिकारियों के बिछाए जाल में फंसने से हादसा
Sun, 19 Jan 2025 05:22 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 19 Jan 2025 05:22 PM IST
सार
गौरेला पेंड्रा मरवाही में मरवाही वन मंडल के गगनई नेचर कैंप के पास शिकारियों के बिछाए जाल में फंस कर एक वयस्क मादा भालू की मौत हो गई।
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भालू
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
गौरेला पेंड्रा मरवाही में मरवाही वन मंडल के गगनई नेचर कैंप के पास शिकारियों के बिछाए जाल में फंस कर एक वयस्क मादा भालू की मौत हो गई, जबकि उसके आठ माह के नर शावक को युवकों ने बड़ी बहादुरी से सुरक्षित बचा लिया , जिसे मरवाही वनमंडलाधिकारी ने सुरक्षित ग्रामीणों के साथ वास्तविक रहवास में छोड़ दिया। मरवाही के नेचर कैंप जो भालूओ का रहवास का क्षेत्र है जबकि अब विभाग जाल फसाने वाले लोगो की पतासाजी कर कार्यवाही करने की बात कह रही है।
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भालुओं के नाम से प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले मरवाही वन मंडल में एक बार फिर शिकारियों के बिछाए जाल में फंसकर एक वयस्क मादा भालू की मौत हो गई है जबकि उसके शावक को युवकों ने बड़ी ही बहादुरी से जाल से निकाल कर भालुओं के रहवास क्षेत्र में छोड़ दिया गया है।। घटना जिस इलाके में हुई है वह क्षेत्र मरवाही वन मंडल का गगनई नेचर कैंप पर्यटक स्थल का है,, जहां भालू का वास्तविक रहवास का स्थल है चारों ओर पहाड़ियों से गिरा यह गगनई नेचर कैंप का इलाका है। यहां पर शिकारी ने जंगली जानवरों को फसाने के लिए मोटरसाइकिल के क्लच वायर का उपयोग कर सैकड़ो फंदे बना रखे थे, जिसमें बीते रात से भालू के फ़सने के बाद उसकी आवाज़ आ रही थी,जब ग्रामीणों को आवाज सुनाई दी तो इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
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वन विभाग ने इसकी थोड़ी भी सुध नहीं ली,नेचर कैंप के इलाके में अमूमन वीआईपी मूवमेंट रहता है वन विभाग चाहता तो भालू की इस आवाज को सुनकर निश्चित ही सुध लेता, परंतु किसी ने भी भालू के इस आवाज पर कोई भी चिंता व्यक्त नहीं की , लगातार आ रही थी जिसके बाद भालू की आवाज को सुनकर ग्रामीण युवक भालू के पास पहुचे तो पाया कि एक भालू और उसके ऊपर उसका शावक एक तार के जाल में फंस रखा है, तब इसकी सूचना युवकों ने वन विभाग को दी वन विभाग ने इस सूचना पर जितनी संजीदगी दिखानी थी, नहीं दिखाई नतीजा सुबह होते-होते मादा वयस्क भालू की मौत हो गई जबकि उसका शावक इस फंदे में फंसा रहा जिसे ग्रामीण युवकों ने बड़ी बहादुरी से भालू के शावक को जाल से बाहर निकलकर उसे बचा लिया।
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मरवाही वन मंडल अधिकारी को जब इसकी सूचना मिली तो मौके में आकर इसकी पड़ताल की और पूरे मामले पर जवाबदारी कर्मचारियों पर जांच के बाद कार्यवाही करने की बात की है वही शिकारी के बिछाए जाल पर जांच के बाद कार्यवाही करने की बात की है और कुछ उल्लेखनीय है कि मरवाही वन मंडल का नेचर कैंप का इलाका भालू का रहवास का इलाका कहलाता है यहां आए दिन वीवीआईपी मूवमेंट होते रहते हैं, जिसके कारण क्षेत्र हमेशा सुर्खियों में भी बना रहता है ऐसे में इस व्यस्ततम इलाके में शिकारियों ने कैसे अपना इतना लंबा जाल बिछा लिया वन विभाग के लिए जांच का विषय है पूरे मामले और उसके बिछाए फंदे का पड़ताल किया तो पाया कि लगभग 50 मीटर लंबे केबल वायर में मोटरसाइकिल के क्लच वायर का सैकड़ों फंदा बनाया गया जिसमें कोई भी जंगली जानवर बड़ी आसानी से फसाया जा सकता है इतनी बड़ी संख्या में क्लच वायर का उपयोग कर जाल बिछाया जाना वन विभाग की निगरानी पर सवाल खड़ा करता है बहरहाल इस मामले में मरवाही के डीएफओ की माने जाल बिछाने वालो की पतासाजी की जा रही है।