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GPM News: लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत... एएनएम सस्पेंड, कलेक्टर ने दिए थे जांच के आदेश
Thu, 13 Feb 2025 09:35 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 13 Feb 2025 09:35 AM IST
सार
पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने जांच कराई और जांच के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र निमधा में पदस्थ नर्स पुष्पाजलि राठौर को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दोषी पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया है।
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परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए पहुंची प्रसूता की अस्पताल में पदस्थ नर्स की लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मामले की खबर हमने प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश मे जांच हुई और जांच के बाद कार्रवाई करते हुए एएनएम ष्पाजलि राठौर को स्वास्थ्य विभाग ने सस्पेंड कर दिया है।
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पूरा मामला जिले के आदिवासी बाहुल्य मरवाही के निमधा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां पर खुरपा गांव की रहने वाली प्रसूता बुधवारिया बाई भैना को बेहतर व सुरक्षित प्रसव करवाने के लिए उसके परिजन निमधा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र 10 फरवरी को सुबह 10 बजे लेकर पहुचे थे। अस्पताल में पदस्थ नर्स पुष्पाजलि राठौर और स्टॉप के द्वारा प्रसूता को 19 घंटे तक अस्पताल में रखने के दौरान जब अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, तो कुछ घंटे रक्तस्राव रोकने के लिए इंजेक्शन-दवाइयां दी गई। लेकिन पर्याप्त स्वास्थ्य व्यवस्था न होने के बावजूद उसे समय रहते जिला अस्पताल रेफर नहीं किया, जिसकी वजह से उप स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी पुष्पाजलि राठौर ना तो बच्चे की जान बचा पाई ना ही प्रसूता बुधवारिया बाई का रक्तस्राव रोक पाई।
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लगातार बढ़ते रक्तस्राव के बाद जब स्वास्थ्यकर्मी को यह एहसास हुआ कि प्रसूता की जान जा सकती है। तब उसने आनन-फानन में 19 घंटे बाद जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी पर रात को 3 बजे कोई सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने खुद निजी वाहन की व्यवस्था की और जिला अस्पताल पहुंचे जहां लगभग 4:45 में जिला अस्पताल पहुंचने के बाद 5:15 पर प्रसूता की मौत हो गई। जिला अस्पताल में चिकित्सा प्रसूता की मौत के पीछे अत्यधिक रक्तस्राव को वजह बता रहे हैं उन्होंने बताया कि शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होने की वजह से उसकी मौत हुई है। जब जिला अस्पताल लाया गया तब उसे सभी जरूरी उपचार उपलब्ध कराया गया पर उसकी जान नहीं बच पाई। जच्चा-बच्चा की मौत से दो परिवार पूरी तरह उजड़ गए है। पूरे मामले की खबर को हमने बड़ी ही प्रमुखता से 11 फरवरी को चलाया था। जिसके बाद पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने जांच कराई और जांच के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र निमधा में पदस्थ नर्स पुष्पाजलि राठौर को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दोषी पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया है।
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