फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   gardner to college principal, a big success story of a man

जिस कॉलेज में थे माली वहीं बने प्रिंसिपल, गजब है इनकी सफलता की कहानी

Tue, 16 Jun 2015 05:50 PM IST
Updated Tue, 16 Jun 2015 05:50 PM IST
विज्ञापन
gardner to college principal, a big success story of a man

कहते हैं अगर आदमी जीवन में कुछ करने की ठान ले तो कोई परेशानी या मजबूरी उसकी राह नहीं रोक सकती, कुछ ऐसा ही उदाहरण हैं भिलाई निवासी ईश्वर सिंह बारगाह। ईश्वर सिंह की सफलता की कहानी हर उस व्यक्ति के लिए मिसाल हो सकती है जो छोटे स्तर से शुरूआत करने के कारण हमेशा आगे बढ़ने से डरते हैं।

विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार बहुत कठिन हालात में अपने जीवन का सफर आगे बढ़ाने वाले ईश्वर सिंह आज एक कालेज में प्रधानाचार्य हैं, लेकिन यह जानकर बहुत लोगों के लिए यकीन करना मुश्किल होगा कि जिस कालेज में वो आज प्रधानाचार्य हैं कभी वहां माली हुआ करते थे।
विज्ञापन


48 साल के बारगाह ने नौकरी करते करते ही एजुकेशन में पीएचडी की और कालेज के शीर्ष स्तर तक पहुंचे। उन्होंने अपने घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए सेल्समैन, माली, चौकीदार और सुपरवाइजर के रूप में भी कई जगह नौकरी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक ही कालेज में रहे माली, चौकीदार और सुपरवाइजर

gardner to college principal, a big success story of a man

बैथलपुर के घुटिया गांव के स्कूल से अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद 19 साल की उम्र में ही बारगाह ने अपनी मेहनत का सफर शुरू कर दिया था। साल 1985 में नौकरी के लिए बारगाह भिलाई आए और कपड़े के एक स्टोर में सेल्समैन के तौर पर 150 रुपए महीना पर नौकरी की शुरूआत की।

इसी दौरान उन्होंने बीए में पढ़ाई के लिए आवेदन किया। लगभग दो माह बाद ही उन्होंने अपने चाचा की मदद से भिलाई के कल्याण कालेज में माली के तौर पर नई नौकरी की शुरूआत की।

उसके बाद वहीं पार्किंग में चौकीदार बने, उनके काम और लगन को देखते हुए उन्हें कुछ दिन बाद ही कालेज में होने वाले निर्माण कार्यों का सुपरवाइजर बना दिया गया। वहीं उनकी पढ़ाई भी जारी रही और 1989 में उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर ली।

दिन में पढ़ाई करने के लिए रात को करते थे चौकीदारी

gardner to college principal, a big success story of a man

बारगाह बताते हैं कि इस दौरान कालेज प्रधानाचार्य प्रोफेसर टीएस ठाकुर ने मेरा काफी मार्गदर्शन किया। शिक्षा विभाग के एचओडी पीके श्रीवास्तव और रसायन के एचओडी एचएन दूबे और जेपी मिश्रा जैसे शिक्षकों ने भी समय समय पर मुझे आगे बढ़ने की राह दिखाई।

वो बताते हैं कि मुझे जबलपुर एजुकेशन कालेज में दो बार प्री बीएड परीक्षा के लिए चयनित किया गया लेकिन आर्थिक ‌‌स्‍थिति कमजोर होने के कारण प्रवेश नहीं ले सका। पढ़ाई जारी रखने के ‌लिए बारगाह रात को चौकीदारी किया करते थे ताकि दिन में पढ़ाई कर सकें।

कुछ दिन बाद ही अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करते ही उन्हें उसी कालेज में क्राफ्ट टीचर के तौर पर नौकरी मिल गई। उनकी मेहनत और योग्यताओं को देखते हुए उन्हें उसी कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर पदोन्नत कर दिया गया, जिसे छत्तीसगढ़ कल्याण शिक्षा समि‌ति की ओर से संचालित किया जाता ‌था।

वहीं कालेज में शिक्षण करते करते उन्होंने अपनी एमएड, बीपीएड और एमफिल की पढ़ाई पूरी की।

अपनी मेहनत से दूसरों के सामने तय किया आदर्श

gardner to college principal, a big success story of a man

ईश्वर सिंह बारगाह की पढ़ाई के प्रति लगन और जुनून ऐसा था कि कालेज का संचालन करने वाली शिक्षण समिति ने उन्हें अहेरी में अपने नए कालेज छत्तीसगढ़ कल्याण शिक्षा महाविद्यालय में साल 2005 में प्रिंसिपल की जिम्मेदारी के लिए चुन लिया।

हालांकि बारगाह इसे अपने जीवन की मंजिल नहीं मानते थे वो बताते हैं कि मैं तो हमेशा से सिक्योरिटी फोर्स में जाने की सोचता था, उसके लिए कई बार टेस्ट भी दिया लेकिन सफल नहीं हो सका। शायद नियति को उनके लिए कुछ और ही मंजूर था।

बारगाह बताते हैं कि उन्हें प्रेरणादायक कथाएं और उनसे जुड़े संस्मरण पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। जिंदगी के इसी सफर में साल 1998 में कृति सिंह उनकी जीवन संगिनी बनी और उनसे उनके दो बेटे केतन और सिमांचल हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed