{"_id":"61c2585f8b3d0a7f0376d551","slug":"four-held-for-attempting-religious-conversions-in-jashpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन की कोशिश, पादरी समेत चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन की कोशिश, पादरी समेत चार गिरफ्तार
Wed, 22 Dec 2021 04:12 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, जसपुर
पीटीआई, जसपुर
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 22 Dec 2021 04:12 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जशपुर जिले के एक गांव में कथित तौर पर धर्म परिवर्तन की कोशिश करने के आरोप में एक ईसाई पादरी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया उनकी पहचान पादरी अरुण कुजूर और पादरी बसंत लकड़ा, पास्टर सालमन तिग्गा और डिनो कुजूर के रूप में हुई है।
विज्ञापन
एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय निवासियों की शिकायत के आधार पर उन्हें सोमवार को बागीचा थाना क्षेत्र के पसिया गांव से गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को चंगाई सभा की आड़ में कथित रूप से धर्म परिवर्तन की कोशिश करने के आरोप में पकड़ा है।
विज्ञापन
शिकायत के अनुसार, चारों आरोपियों ने रविवार और सोमवार को एक ग्रामीण दिलीप नागवंशी के घर पर 'चंगई सभा' आयोजित की, जहां उन्होंने कथित तौर पर आदिवासियों को ईसाई धर्म में बदलने की कोशिश की़। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने यह कार्रवाई ग्रामीण हरिराम नागवंशी की शिकायत पर की है।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि नागवंशी ने पुलिस में शिकायत की थी कि इस महीने की 20 तारीख को ईसाई समुदाय के पादरी और पास्टर गांव के दिलीप नागवंशी के घर चंगाई सभा का आयोजन कर ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे और जब अन्य ग्रामीण दिलीप के घर सभा में पहुंचे तब वहां महिलाओं और बच्चों समेत लगभग 50 लोग एकत्र थे। पादरी और पास्टर वहां मौजूद लोगों से हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कह रहे थे।
अधिकारी ने कहा कि चारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने का इरादा) और आईपीसी की 34 (सामान्य मंशा) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।