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CG: पूर्व विधायक गुलाब कमरो बोले, 5वीं अनुसूची लागू होने के बाद भी आदिवासियों के अधिकारों का हो रहा हनन
Thu, 28 Nov 2024 04:20 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया
अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 28 Nov 2024 04:20 PM IST
सार
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि सरगुजा संभाग में 5वीं अनुसूची लागू है, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों को दरकिनार कर आदिवासियों की जगह गैर आदिवासियों की नियुक्ति धड़ल्ले से की जा रही है। साथ ही पूर्व विधायक ने कहा कि सहकारी समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति स्थानीय विधायक की अनुशंसा से होती है।
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पूर्व विधायक गुलाब कमरो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एमसीबी कोरिया एवं एमसीबी जिले के विकासखंडों में आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सवाल उठाया है। साथ ही इसे आदिवासियों के अधिकारों का हनन भी बताया है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद आदिवासी हैं और सरगुजा संभाग से ही आते हैं। इसके बावजूद उन्हें आदिवासियों के हित की तनिक भी चिंता नहीं है। प्रदेश सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा करने की बजाय उनका शोषण कर रही है, जिसका जीता जागता उदाहरण कोरिया एमसीबी में सहकारी समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति का मामला है।
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सरगुजा संभाग में 5वीं अनुसूची लागू
पूर्व विधायक ने कहा कि सरगुजा संभाग में 5वीं अनुसूची लागू है, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों को दरकिनार कर आदिवासियों की जगह गैर आदिवासियों की नियुक्ति धड़ल्ले से की जा रही है। साथ ही पूर्व विधायक ने कहा कि सहकारी समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति स्थानीय विधायक की अनुशंसा से होती है। वर्तमान विधायक खुद काल्पनिक सीएम दीदी हैं, जो कि खुद भी आदिवासी हैं। लेकिन उनके द्वारा आदिवासियों के हितों का ख्याल नही रखा गया जो कि सरासर गलत है।
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पूर्व सरकार में सभी अध्यक्ष थे आदिवासी
पूर्व की कांग्रेस सरकार में कोरिया व एमसीबी में सहकारी समिति के सभी अध्यक्ष आदिवासी थे। साथ ही सभी अध्यक्ष अपने समिति के पंजीकृत किसान भी थे, लेकिन वर्तमान में हुई नियुक्तियों में कई अध्यक्ष ऐसे भी हैं, जो संबंधित सोसाइटी के सदस्य एवं पंजीकृत किसान तक नहीं हैं, ऐसे में किस आधार पर नियुक्ति हुई यह जांच का विषय एवं बड़ा मामला है।
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जल्द होगा बड़ा आंदोलन- कमरो
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने पूरे मामले पर सरकार को घेरते हुए इस निर्णय पर आपत्ति जताई है। साथ ही सरकार को आदिवासी विरोधी बताते हुए आंदोलन किये जाने की बात करते हुए कहा कि आदिवासियों के अधिकारों का किसी भी सूरत में हनन नहीं होने दिया जाएगा। सहकारी समिति अध्यक्षों की नियुक्ति के मामले को लेकर बड़ा आंदोलन किये जाने की बात कही है।
भाजपा मंडल अध्यक्षों को मिली है जिम्मेदारी
जानकारी अनुसार, कोरिया व एमसीबी में अधिकांश समितियों में भाजपा के गैर आदिवासी मंडल अध्यक्षो को बतौर सहकारी समिति अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति की गई है।