गरियाबंद में सुरक्षाबलों-नक्सलियों के बीच मुठभेड़: एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली बालकृष्ण समेत 10 माओवादी ढेर
गरियाबंद में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ खत्म हो चुकी है। फिलहाल, पुलिस का सर्चिंग अभियान जारी है।
वहीं बीजापुर में 26 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
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विस्तार
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मैनपुर के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर गरियाबंद ई-30, एसटीएफ और सीआरपीएफ की कोबरा टीम मौके पर पहुंची, जहां फोर्स और नक्सलियों के बीच रुक-रुककर मुठभेड़ चलती रही। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद किये गये हैं। इनमें सात आटोमेटिक हथियार शामिल हैं। कई नक्सल सामग्री भी बरामद की गई है।
बताया जाता है कि एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मनोज मोडेम उर्फ बालकृष्ण उर्फ भास्कर नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी का मेंबर था। वह ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था। वह ओएससी और सीआरबी का भी सदस्य था।
मैनपुर के आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों से बाहर न जायें और फोर्स को हर तरह से मदद करें। फिलहाल मुठभेड़ खत्म हो चुकी है। विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी।
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जंगल में उस समय मुठभेड़ शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मी नक्सल विरोधी अभियान पर सर्चिंग पर थे। इस अभियान में विशेष कार्य बल (एसटीएफ), कोबरा (सीआरपीएफ की एक विशिष्ट इकाई - कमांडो बटालियन फॉर रेज़ोल्यूट एक्शन) और अन्य राज्य पुलिस इकाइयों के जवान शामिल हैं। जमीनी स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम 10 नक्सली मारे गए हैं।
छत्तीसगढ़ | रायपुर रेंज के IG अमरेश मिश्रा ने बताया, "गरियाबंद में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है और रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। कुछ नक्सलियों के मारे जाने की संभावना है।"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 11, 2025
आईडी ब्लास्ट में दो जवान घायल
दूसरी ओर प्रदेश के दंतेवाड़ा जिले के थाना मालेवाही क्षेत्र में आज गुरुवार की सुबह नक्सलियों ने जवानों की एक बटालियन को टारगेट करते हुए आईडी ब्लास्ट किया। इस घटना में दो जवान घायल हो गए, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। वहीं इलाके में सर्चिंग शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि थाना मालेवाही क्षेत्र में गुरुवार की सुबह सीआरपीएफ 195 वाहिनी के जवान मुख्यालय से सातधार व मालेवाही के लिए निकले हुए थे, जवानों के द्वारा एरिया डोमिनेशन करने के लिए जैसे ही सातधार पुल के 800 मीटर आगे नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईडी के चपेट में आने से इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर व आरक्षक आलम मुनेश घायल हो गए, जिन्हें अन्य साथियों की मदद से जिला अस्पताल उपचार के लिए ले जाया गया है। वहीं, जवानों की खराब हालत को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट करते हुए रायपुर भेजे जाने की तैयारी किया जा रहा है।
बीजापुर में 26 नक्सली गिरफ्तार
वहीं बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 26 सक्रिय नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 13 लाख रुपये के इनामी 6 नक्सली भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और प्रतिबंधित नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। यह संयुक्त कार्रवाई डीआरजी बीजापुर, थाना गंगालूर, भैरमगढ़, उसूर, आवापल्ली, तर्रेम, कोबरा 205 और सीआरपीएफ की 196 व 62वीं बटालियन द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अंजाम दी गई।
5 जनवरी 2025 को अबूझमाड़ के जंगल में एक महिला नक्सली समेत पांच नक्सली ढेर।
12 जनवरी 2025 को बीजापुर के मद्देड़ इलाके में एनकाउंटर में दो महिला समेत पांच नक्सली मारे गये थे।
16 जनवरी 2025 को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और मारुड़बाका के जंगल में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें फोर्स ने 18 नक्सलियों को मार गिराया था।
21 जनवरी 2025 को गरियांबद जिले में 14 नक्सली मारे गये थे।
2 फरवरी 2025 को बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का जंगल में मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया था।
9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर।
20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह 20 मार्च को कुल 30 नक्सली मारे गये।
कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर 21 दिनों में 31 नक्सलियों को किया ढेर ( 21 अप्रैल से 11 मई 2025)
21 मई 2025 गुरुवार को डेढ़ करोड़ रुपये के देश के सबसे बड़े इनामी खूंखार नक्सली बसवराजू समेत 28 नक्सलियों को मार गिराया गया।
26 जुलाई 2025 में बीजापुर में चार नक्सली मारे गये
साल 2024 के नक्सली मुठभेड़-
16 अप्रैल 2024 को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 33 नक्सली मारे गये थे। यह साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। इस साल बस्तर रेंज में 141 माओवादी ढेर हो चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के विरूद्ध चले अभियानों में बस्तर रेंज के तहत कुल 141 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों में दो एलएमजी, चार एके-47- 04, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार 303 रायफल और चार 9एमएम पिस्टल सहित बड़ी संख्या में अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हैं।
27 मार्च 2024 को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत 6 नक्सलियों का किया एनकाउंटर
27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटना स्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था।
2 अप्रैल 2024 को 13 नक्सली ढेर
दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग - 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक - हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी राईटर, वॉकीटॉकी और नक्सली वर्दी, पिट्ठू, सोलर प्लेट, नक्सली प्रचार प्रसार सामग्री, नक्सली साहित्य और रोजमर्रा के सामान शामिल थे।
6 अप्रैल 2024 को मारे गये 3 नक्सली
फोर्स और नक्सलियों के साथ 6 अप्रैल को हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये थे। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर पुजारी कांकेर के कर्रीगुटा के जंगलों में मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए थे। मामला उसूर थाने क्षेत्र का था। इतना ही नहीं घटनास्थल से एक एलएमजी और एक एके-47 समेत कई हथियार बरामद हुए थे।
देश में पहली बार 16 अप्रैल 2024 को 29 नक्सलियों को सुलाया मौंत की नींद
16 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के माड़ इलाके में देश की सबसे बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। पुलिस फोर्स और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सली कमांडर शंकर राव ढेर हो गया था। शंकर राव पर 25 लाख का इनाम था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया था। मारे गए सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 78 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वहीं नक्सलियों से जब्त एके- 47 और इंसास जैसे हथियारों पर पुलिस ने 7 लाख 55 हजार का इनाम रखा था।
30 अप्रैल 2024 को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर
30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष नक्सली शामिल थे। प्राथमिकतौर पर मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी।
- 10 मई 2024 को बीजापुर के पीड़िया जंगल में 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर
- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीड़िया के जंगल में 10 मई की सुबह 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। इस दौरान दो जवान घायल भी हुए थे। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सभी 12 नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी बरामद किये गये थे। जवानों को गंगालूर थाना क्षेत्र के पीड़िया इलाके में नक्सलियों के टॉप हार्डकोर नक्सली कमांडर लिंगा और पापाराव समेत बड़े लीडर्स के जंगल में होने की सूचना मिली थी। नक्सलियों की इस कमेटी में डीकेएसजेडसी, डीवीसीएम और एसीएम कैडर के बड़े नक्सली भी मौजूद थे। सूचना पर पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा,सुकमा व बीजापुर से एसटीएफ,डीआरजी,सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के 1200 जवानों ने साझा अभियान चलाया था, जिसमें मौके पर 12 नक्सली ढेर हो गये।
- 23 और 24 मई 2024 को 8 नक्सली ढेर हुए थे।
- छत्तीसगढ़ में 23 मई को नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बल के जवानों ने धावा बोला। जंगल के अंदर बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के करीब एक हजार जवान रवाना हुए थे। पुलिस जैसे ही जंगल के भीतर घुसी, नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी मोर्चा संभाला और घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद मौके से सात नक्सलियों के शव मिले। पुलिस ने घटनास्थल से नक्सलियों के शव के साथ बड़े पैमाने पर हथियार, दवाई और दैनिक सामग्री जब्त की। इसके बाद 24 मई को नारायणपुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच फिर मुठभेड़ हुई थी। अबूझमाड़ के इलाके में नक्सलियों ने फोर्स पर उस वक्त हमला बोला, जब पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सात नक्सलियों के शव लेकर वापस लौट रही थी। इस दौरान एनकाउंटर में एक और नक्सली मारा गया। इस तरह कुल 8 नक्सली मारे गये।
- 25 मई 2024 को सुकमा और बीजापुर जिले में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर
- 8 जून 2024 अबूझमाड़ के आमदई एरिया में 6 नक्सली मारे गये
- 10 मई 2024 बीजापुर में पुलिस फोर्स ने एनकाउंटर में 12 नक्सलियों को मौत की नींद सुलाई
- 15 जून को नारायणपुर जिले के ओरछा थाना के फरसबेड़ा-धुरबेड़ा के बीच सुरक्षाबलों की नक्सलियों के मुठभेड़ में 8 नक्सलियों ढेर
- 3 सितंबर 2024 दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों से मुठभेड़, नौ माओवादी ढेर, गोलीबारी जारी
- 5 सितंबर 2024 छत्तीसगढ़ और तेलंगाना बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 6 नक्सली ढेर, जिसमें दो महिला नक्सली भी शामिल थीं। यह मुठभेड़ भद्रादि-कोत्तागुड़ेम जिले के गुंडाला-करकागुड़ेम और मुलुगू के बीच हुई थी।
- 4 अक्टूबर 2024 को दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के सीमा पर थुलथुली गांव में 35 नक्सली मारे गये थे। ये साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी। 4 अक्टूबर 2024 को शुरुआती मुठभेड़ में 31 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली थी। बाद में 13 अक्टूबर 2024 नक्सलियों ने खुद प्रेस नोट जारी कर कहा था कि 31 नहीं 35 नक्सली मारे गये थे।
- 13 अक्टूबर 2024 बीजापुर जिले के थुलथुली में 35 नक्सली ढेर, देश में अब तक का सबसे बड़ा पुलिस-नक्सली मुठभेड़
- 22 नवंबर 2024 को सुकमा जिले के थाना भेज्जी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर
देश में पहली बार अब तक सबसे बड़ा पुलिस-नक्सली मुठभेड़, मारे गये थे 35 नक्सली-
4 अक्टूबर 2024 को दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के सीमा पर थुलथुली गांव में 35 नक्सली मारे गये थे। ये साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी। 4 अक्टूबर 2024 को शुरुआती मुठभेड़ में 31 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली थी। बाद में 13 अक्टूबर 2024 नक्सलियों ने खुद प्रेस नोट जारी कर कहा था कि 31 नहीं 35 नक्सली मारे गये थे।
9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर हुए थे।
20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह कुल 30 नक्सली मारे गये थे।