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विरोध-प्रदर्शन: नवा रायपुर विकास प्राधिकरण भवन के सामने किसानों का धरना तेज, 60 दिनों से हैं डटे
Thu, 03 Mar 2022 06:59 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 03 Mar 2022 06:59 PM IST
सार
एनआरडीए ने प्रभावित किसानों को उनकी पात्रता के मुताबिक 1200 से 2500 वर्ग फीट के आवासी पट्टा वितरण का कार्यक्रम जारी किया है।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
पिछले 60 दिनों से नवा रायपुर विकास प्राधिकरण भवन के सामने धरने पर बैठे किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को मुख्य सचिव अमिताभ जैन से मिलने मंत्रालय जाने की कोशिश कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने रोक दिया। किसानों ने वहीं पर अपना विरोध दर्ज कराया। इस बीच एनआरडीए ने सात मार्च से ग्रामीणों को आवासीय पट्टा देने का कार्यक्रम जारी किया है। यह काम 4 मई तक चलेगा।
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इस बीच एनआरडीए ने प्रभावित किसानों को उनकी पात्रता के मुताबिक 1200 से 2500 वर्ग फीट के आवासी पट्टा वितरण का कार्यक्रम जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक 7 मार्च को कयाबांधा में, 11 मार्च को नवागांव (खपरी), 16 मार्च को राखी, 22 मार्च को झांझ, 25 मार्च को खपरी और 31 मार्च को कोटराभांठा में पट्टे बांटे जाएंगे। इसी तरह 4 अप्रैल को रीको, 8 अप्रैल को चीचा, 13 अप्रैल को सेंध, 19 अप्रैल को छतौना, 25 अप्रैल को नवागांव (खुटेरा), 29 अप्रैल को तूता और 4 मई को उपरवारा में पट्टा वितरण का कार्य शुरू होगा।
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नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति से चर्चा के बाद मंत्रिमंडलीय समिति ने जो सिफारिशें की थीं, उस पर एआरडीए संचालक मंडल की सहमति भी बन गई है। पट्टा वितरण के अलावा किसानों के पक्ष में ऑडिट आपत्तियों के निराकरण के लिए सिंचित व असिंचित भूमि के संबंध में पटवारी दस्तावेज और वृक्षों के संबंध में वनपाल की रिपोर्ट को प्रमाण मानकर आपत्तियों का निराकरण किया जाना है। संचालक मंडल ने विभिन्न सेवाओं के लिए एनआरएएनवीपी की आगामी निविदाओं में 60 फीसदी कर्मचारी प्रभावित ग्राम से लेने की शर्त जोड़ने का फैसला किया है।
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