Raigarh News: तालाब में नहाने के दौरान डूबा हाथी शावक, झुंड ने निकाला शव; एक साल में अब तक 13 हाथियों की मौत
रायगढ़ जिले में एक बार फिर से हाथी शावक की मौत की घटना सामने आई है। धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज के औरानारा परिसर में तालाब में नहाने के दौरान एक सात माह की मादा हाथी शावक की डूबने से मौत हो गई।
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर से हाथी शावक की मौत की घटना सामने आई है। धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज के औरानारा परिसर में तालाब में नहाने के दौरान एक सात माह की मादा हाथी शावक की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आज पोस्टमार्टम उपरांत शव को दफनाया गया है।
जंगल गए ग्रामीणों ने तालाब किनारे हाथी शावक का शव देखा। उन्होंने तुरंत हाथी मित्र दल को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। बताया जा रहा है कि शावक की मौत के बाद झुंड के अन्य हाथियों ने ही उसके शव को पानी से बाहर निकाला और लंबे समय तक शव के आसपास विचरण करते रहे। सुबह वन विभाग की टीम ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को दफनाया और आगे की जांच शुरू की।
मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में इन दिनों 57 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 20 नर, 25 मादा और 12 शावक शामिल हैं। छाल रेंज के बोजिया परिसर में दो दल मौजूद हैं, जिनमें एक में 19 और दूसरे में 15 हाथी हैं। 28 अक्टूबर की सुबह हाथियों का एक दल औरानारा परिसर के कक्ष क्रमांक 517 आरएफ स्थित तालाब में नहाने पहुंचा था। इसी दौरान पानी में मस्ती करते समय एक मादा शावक डूब गई और उसकी मौत हो गई।
एक साल में 13 हाथियों की मौत
26 अक्टूबर – तमनार रेंज, करंट लगने से 3 हाथियों की मौत
18 नवंबर – बोरो रेंज, शावक का कंकाल मिला
21 नवंबर – छाल रेंज, पानी में डूबकर शावक की मौत
31 दिसंबर – घरघोड़ा रेंज, दलदल में फंसकर शावक की मौत
21 जनवरी – धरमजयगढ़, करंट से हाथी की मौत
22 जनवरी – घरघोड़ा रेंज, दलदल में फंसकर हाथी की मौत
31 जनवरी – छाल रेंज, घायल मखना हाथी की मौत
18 मार्च – छाल रेंज, तालाब में शावक का शव मिला
13 मई – घरघोड़ा रेंज, डूबकर शावक की मौत
20 अक्टूबर – तमनार रेंज, करंट से हाथी की मौत
28 अक्टूबर – छाल रेंज, पानी में डूबकर शावक की मौत
हाथियों के हमले में 13 लोगों की भी मौत
28 अक्टूबर – धरमजयगढ़, दुलियामुड़ा में ग्रामीण की मौत
09 नवंबर – बोरो रेंज, ग्रामीण की मौत
12 नवंबर – लैलूंगा रेंज, सोते समय ग्रामीण की मौत
12 फरवरी – बरौर, हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत
16 अप्रैल – आमगांव, ग्रामीण की मौत
10 मई – लैलूंगा रेंज, दो महिलाओं की मौत
14 मई – घरघोड़ा रेंज, फसल देखने गए ग्रामीण की मौत
14 जुलाई – बाकरूमा रेंज, घर की परछी में सो रहे बुजुर्ग की मौत
22 जुलाई – लैलूंगा रेंज, तीन लोगों की मौत (एक मासूम सहित)
19 सितंबर – बाकरूमा रेंज, महिला की मौत