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Chhattisgarh: जशपुर में घर के दरवाजे पर खड़ी महिला को सूंड़ से लपेटकर ले गया हाथी, फिर कुचल कर मार डाला
Mon, 26 Sep 2022 01:50 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 26 Sep 2022 01:50 PM IST
सार
इस साल जशपुर में अब तक हाथियों के हमले में 20 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। वहीं प्रदेश में पिछले तीन साल के दौरान 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
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छत्तीसगढ़ के जशपुर में हाथी ने एक महिला को पटक कर मार दिया।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के जशपुर में सोमवार तड़के हाथी के हमले में एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। महिला सोकर उठने के बाद अपने घर के गेट के पास पहुंची थी। इसी दौरान अचानक हाथी ने उस पर हमला कर दिया और पैर से कुचल कर मार डाला। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामला तुमला थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, बाबू साज बहार गांव निवासी 65 साल की प्यारी टोप्पो सोमवार सुबह करीब 5 बजे सोकर उठने के बाद घर के दरवाजे पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि जैसे ही उसने घर का गेट खोला एक हाथी ने अचानक से उसे सूंड़ से पकड़ कर बाहर खींच लिया। इसके बाद खींचते हुए धान के खेत के पास ले गया और पैर से कुचल कर मार दिया। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हाथी को भगाया, तब तक प्यारी टोप्पो दम तोड़ चुकी थी।
इसके बाद लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। बताया जा रहा है कि हाथी अभी गांव के आसपास ही घूम रहा है। फिलहाल लोगों को अलर्ट किया गया है। वहीं वन विभाग की टीम भी निगरानी कर रही है। तपकरा वन रेंज के SDO नवीन निराला ने बताया कि महिला के परिजनों को 25,000 रुपये की तत्काल राहत प्रदान की गई थी, जबकि आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद 5.75 लाख रुपये के बाकी मुआवजे दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि 14 हाथियों के एक झुंड ने ओडिशा से तपकारा रेंज में प्रवेश किया था। जशपुर जिला ओडिशा और झारखंड की हैसीमा से लगा हुआ है। ऐसे में यहां के घने जंगल हाथियों का मुख्य निवास स्थान हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के उत्तरी भाग में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से चिंता का एक प्रमुख कारण बना हुआ है और अब खतरा मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में फैल गया है।
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जानकारी के मुताबिक, बाबू साज बहार गांव निवासी 65 साल की प्यारी टोप्पो सोमवार सुबह करीब 5 बजे सोकर उठने के बाद घर के दरवाजे पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि जैसे ही उसने घर का गेट खोला एक हाथी ने अचानक से उसे सूंड़ से पकड़ कर बाहर खींच लिया। इसके बाद खींचते हुए धान के खेत के पास ले गया और पैर से कुचल कर मार दिया। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हाथी को भगाया, तब तक प्यारी टोप्पो दम तोड़ चुकी थी।
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इसके बाद लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। बताया जा रहा है कि हाथी अभी गांव के आसपास ही घूम रहा है। फिलहाल लोगों को अलर्ट किया गया है। वहीं वन विभाग की टीम भी निगरानी कर रही है। तपकरा वन रेंज के SDO नवीन निराला ने बताया कि महिला के परिजनों को 25,000 रुपये की तत्काल राहत प्रदान की गई थी, जबकि आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद 5.75 लाख रुपये के बाकी मुआवजे दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि 14 हाथियों के एक झुंड ने ओडिशा से तपकारा रेंज में प्रवेश किया था। जशपुर जिला ओडिशा और झारखंड की हैसीमा से लगा हुआ है। ऐसे में यहां के घने जंगल हाथियों का मुख्य निवास स्थान हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के उत्तरी भाग में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से चिंता का एक प्रमुख कारण बना हुआ है और अब खतरा मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में फैल गया है।