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Raipur News: नवा रायपुर जंगल सफारी में शुरू हुई इलेक्ट्रिक सफारी और बोटिंग, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
Fri, 22 May 2026 05:34 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 22 May 2026 05:34 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू और जंगल सफारी में इलेक्ट्रिक सफारी वाहनों और नई बोटिंग सुविधा की शुरुआत की गई है।
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नंदनवन जू और जंगल सफारी में शुरू हुई इलेक्ट्रिक सफारी और बोटिंग सुविधा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू और जंगल सफारी में इलेक्ट्रिक सफारी वाहनों और नई बोटिंग सुविधा की शुरुआत की गई है। इस पहल से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
वन विभाग की ओर से शुरू की गई इस नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों के लिए इलेक्ट्रिक बसें और इलेक्ट्रिक जिप्सी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पॉटून बोट और बांस राफ्ट्स की सुविधा भी शुरू की गई है। आने वाले समय में यहां कायक और वाटर साइकिल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जंगल सफारी में इको-फ्रेंडली सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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वन विभाग ने इस परियोजना में पहली बार राजस्व साझेदारी मॉडल लागू किया है। इसके तहत निजी कंपनियों के सहयोग से सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे सरकारी खर्च में कमी आएगी और आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा सकेगा।
परियोजना के तहत सफारी परिसर में शोवेनियर शॉप भी तैयार की गई है, जहां पर्यटक छत्तीसगढ़ की लोककला, बस्तर आर्ट और हस्तशिल्प से जुड़े उत्पाद खरीद सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस पहल से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विभाग का कहना है कि आने वाले समय में पर्यटन सुविधाओं को और विस्तार दिया जाएगा।
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वन विभाग की ओर से शुरू की गई इस नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों के लिए इलेक्ट्रिक बसें और इलेक्ट्रिक जिप्सी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पॉटून बोट और बांस राफ्ट्स की सुविधा भी शुरू की गई है। आने वाले समय में यहां कायक और वाटर साइकिल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
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वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जंगल सफारी में इको-फ्रेंडली सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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वन विभाग ने इस परियोजना में पहली बार राजस्व साझेदारी मॉडल लागू किया है। इसके तहत निजी कंपनियों के सहयोग से सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे सरकारी खर्च में कमी आएगी और आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा सकेगा।
परियोजना के तहत सफारी परिसर में शोवेनियर शॉप भी तैयार की गई है, जहां पर्यटक छत्तीसगढ़ की लोककला, बस्तर आर्ट और हस्तशिल्प से जुड़े उत्पाद खरीद सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस पहल से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विभाग का कहना है कि आने वाले समय में पर्यटन सुविधाओं को और विस्तार दिया जाएगा।