{"_id":"6ac75fbab54aee88120fc52e","slug":"eight-arrested-for-renting-out-bank-accounts-for-cyber-fraud-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीजी: सिर्फ 2 से 15 हजार के लालच में बैंक खाते किराए पर दिए, साइबर ठगी के आठ 'म्यूल अकाउंट' धारक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीजी: सिर्फ 2 से 15 हजार के लालच में बैंक खाते किराए पर दिए, साइबर ठगी के आठ 'म्यूल अकाउंट' धारक गिरफ्तार
Thu, 08 Oct 2026 02:47 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग-भिलाई
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग-भिलाई
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:47 PM IST
सार
पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 8 म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महज 2 से 15 हजार रुपये के लालच में बैंक खाते, ATM, चेकबुक, पासबुक और सिम तक साइबर अपराधियों को दे देते थे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए अपने बैंक खाते किराए पर देने वाले आठ म्यूल खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने दो हजार से 15 हजार रुपये तक के मामूली कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों का पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में सौंप दिया था।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर अपराधों और संदिग्ध बैंक खातों की गहन जांच चल रही है। दुर्ग पुलिस ने बैंक खातों में हुए वित्तीय लेनदेन, तकनीकी जानकारी और साक्ष्यों का मिलान करके इन खाताधारकों तक पहुंचने में सफलता पाई है। जांच के दौरान नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन, भिलाई नगर और छावनी थाना क्षेत्रों से जुड़े मामलों में यह कार्रवाई की गई। जांच से स्पष्ट हुआ कि खाताधारकों ने थोड़े से पैसों के बदले न केवल अपना खाता नंबर दिया, बल्कि चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम भी दूसरों को दे दिए थे। इन सभी साधनों का उपयोग साइबर ठगी से अर्जित राशि को अलग-अलग खातों में घुमाने के लिए किया जा रहा था।
कमीशन का खेल
पड़ताल में सामने आया है कि इस नेटवर्क में सक्रिय एजेंट सीधे खाताधारकों से संपर्क करते थे। वे खाताधारकों से बैंक खाते और उनसे जुड़े जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बदले मूल खाताधारक को केवल दो हजार से 15 हजार रुपये तक दिए जाते थे। वहीं, मध्यस्थ एजेंट इन बैंक खातों को मुख्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने के बदले 15 हजार से 20 हजार रुपये तक का कमीशन खुद कमाते थे। मामूली रकम के लालच में आकर खाता खोलने वाले लोग खुद को गंभीर कानूनी संकट में डाल रहे थे।
विज्ञापन
आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 48 वर्षीय महादेव साहू, 34 वर्षीय पीलू खिलाड़ी, 21 वर्षीय विराज कुमार पोल, 23 वर्षीय नीरज कुमार प्रसाद, 34 वर्षीय राबिन सिंह, 23 वर्षीय विशु बंजारे, 23 वर्षीय नवीन ठाकुर और 61 वर्षीय टिकेश्वर प्रसाद चन्द्राकर शामिल हैं। इनमें नेवई थाना क्षेत्र से तीन, भिलाई नगर से दो और पुरानी भिलाई, पाटन तथा छावनी थाना क्षेत्र से एक-एक आरोपी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अब इन जब्त दस्तावेज की मदद से साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी हुई है।
विज्ञापन
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर अपराधों और संदिग्ध बैंक खातों की गहन जांच चल रही है। दुर्ग पुलिस ने बैंक खातों में हुए वित्तीय लेनदेन, तकनीकी जानकारी और साक्ष्यों का मिलान करके इन खाताधारकों तक पहुंचने में सफलता पाई है। जांच के दौरान नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन, भिलाई नगर और छावनी थाना क्षेत्रों से जुड़े मामलों में यह कार्रवाई की गई। जांच से स्पष्ट हुआ कि खाताधारकों ने थोड़े से पैसों के बदले न केवल अपना खाता नंबर दिया, बल्कि चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम भी दूसरों को दे दिए थे। इन सभी साधनों का उपयोग साइबर ठगी से अर्जित राशि को अलग-अलग खातों में घुमाने के लिए किया जा रहा था।
विज्ञापन
कमीशन का खेल
पड़ताल में सामने आया है कि इस नेटवर्क में सक्रिय एजेंट सीधे खाताधारकों से संपर्क करते थे। वे खाताधारकों से बैंक खाते और उनसे जुड़े जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बदले मूल खाताधारक को केवल दो हजार से 15 हजार रुपये तक दिए जाते थे। वहीं, मध्यस्थ एजेंट इन बैंक खातों को मुख्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने के बदले 15 हजार से 20 हजार रुपये तक का कमीशन खुद कमाते थे। मामूली रकम के लालच में आकर खाता खोलने वाले लोग खुद को गंभीर कानूनी संकट में डाल रहे थे।
विज्ञापन
आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 48 वर्षीय महादेव साहू, 34 वर्षीय पीलू खिलाड़ी, 21 वर्षीय विराज कुमार पोल, 23 वर्षीय नीरज कुमार प्रसाद, 34 वर्षीय राबिन सिंह, 23 वर्षीय विशु बंजारे, 23 वर्षीय नवीन ठाकुर और 61 वर्षीय टिकेश्वर प्रसाद चन्द्राकर शामिल हैं। इनमें नेवई थाना क्षेत्र से तीन, भिलाई नगर से दो और पुरानी भिलाई, पाटन तथा छावनी थाना क्षेत्र से एक-एक आरोपी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अब इन जब्त दस्तावेज की मदद से साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी हुई है।