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Bijapur: मांगों को लेकर आदिवासियों ने निकाली रैली, पुलिस ने मुख्यालय से पहले रोका, ज्ञापन लेकर भेजा वापस

Sat, 25 Mar 2023 05:42 PM IST
अभिषेक वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: अभिषेक वर्मा Updated Sat, 25 Mar 2023 05:42 PM IST
सार

नेशनल पार्क क्षेत्र से आए हजारों आदिवासियों ने शनिवार को बोरजे में रैली निकालकर अपना विरोध जताया। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसदौरान बीजापुर मुख्यालय छावनी में तब्दील रहा। 

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During Amit Shah visit tribals took out a rally in bijapur regarding their demands
आदिवासियों ने शनिवार को बोरजे में रैली निकालकर अपना विरोध जताया। - फोटो : संवाद

विस्तार

बस्तर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बीच शनिवार को नेशनल पार्क क्षेत्र के हजारों आदिवासियों ने आदिवासी समाज के बैनर तले आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बोरजे गांव में रैली निकाली। करीब डेढ़ किलोमीटर के इस रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी शामिल थे। रैली के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण वापस लौट गए। कलेक्ट्रेट आकर कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौपना चाहते थे। लेकिन उन्हें बीजापुर से पहले ही रोक दिया गया। इस बीच जिला मुख्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इसके साथ ही मुख्यालय को जोड़ने वाले सभी रास्तों पर बेरिकेट्स लगा दिए गए थे।

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शुक्रवार को नेशनल पार्क क्षेत्र से हजारों ग्रामीण अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बीजापुर मुख्यालय में रैली प्रदर्शन करने आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें यहां करीब 12 किलो दूर बोरजे में ही रोक दिया। ग्रामीण लगातार कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन देने की जिद कर रहे थे। लेकिन उन्हें मुख्यालय प्रवेश करने नहीं दिया गया। शनिवार को तहसीलदार डीआर ध्रुव ग्रामीणों के बीच पहुंचे उनसे बात की। इसके बाद ग्रामीणों ने बोरजे में ही डेढ़ किमी तक रैली निकाली और राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौपकर लौट गए हैं। इधर ग्रामीणों के मुख्यालय प्रवेश की खबर के बाद पुलिस ने कलेक्ट्रेट के बाहर बेरिकेट्स लगा दिया था। वहीं, मुख्यालय को जोड़ने वाले रास्तों पर भी बेरिकेट लगा दिए गए थे। सुरक्षा की दृष्टि से मुख्यालय छावनी में तब्दील रहा।

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ये हैं आदिवासियों की मांग

आदिवासी समाज के बैनर तले अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सौपे गये ज्ञापन में तेंदूपत्ता की राशि में बढ़ोत्तरी, धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी, मनरेगा भुगतान नगद करने, वृद्धावस्था, विधवा व विकलांग पेंशन नगद करने, ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा प्रस्ताव पारित किये बिना कोई भी कार्य जैसे ठेकेदारी और सड़क निर्माण, पुल पुलिया कैम्प बनाने की अनुमति नहीं दिया जाए। ग्राम पंचायतों में नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) को प्रभाव से हटाया जाए। इंद्रावती क्षेत्र में सेंचुरी होने के कारण उस क्षेत्र में किसी प्रकार का बोनस नहीं दिया जाता हैं, सेंचुरी को आधा दिया जाए तथा चांवल वितरण ऑफ लाइन किया जाए।

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