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Durg: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की वेबसाइट तीन महीनों में तीसरी बार हैक, पाकिस्तानी हैकर्स ने ली जिम्मेदारी
Tue, 09 Sep 2025 05:57 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 09 Sep 2025 05:57 PM IST
सार
Hemchand Yadav University Website Hacked: विश्विद्यालय की वेबसाइड पिछले तीन महीने में तीसरी बार हैक हुई है। वेबसाइड हैक की जानकारी तब मिली जब छात्रों ने वेबसाइट खोली उसमें पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर मिले।
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हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की वेबसाइट एक बार फिर साइबर का शिकार हुई है। विश्विद्यालय की वेबसाइड पिछले तीन महीने में तीसरी बार हैक हुई है। वेबसाइड हैक की जानकारी तब मिली जब छात्रों ने वेबसाइट खोली उसमें पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर मिले। जिसके बाद छात्राओं ने इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रबंधन को दी।
विश्वविद्याल के वेबसाइड को हैकिंग की जिम्मेदारी पाकिस्तानी हैकर्स ने ली है। वेबसाइट पर भारत विरोधी पोस्ट भी डाले गए थे। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और वेबसाइट का रखरखाव करने वाली निजी एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गया है। हैकिंग की जानकारी छात्रों द्वारा स्क्रीनशॉट वायरल करने के बाद सामने आई।
हेमचंद यादव पहली घटना 7 जुलाई 2025 को और दूसरी घटना 7 सितंबर 2025 को हुई थी। पिछली हैकिंग के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेबसाइट का ऑडिट कराने का वादा किया था। लेकिन अब तक नहीं किया गया है। जिससे निजी एजेंसी की लापरवाही साफ नजर आती है। वही अब इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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विश्वविद्याल के वेबसाइड को हैकिंग की जिम्मेदारी पाकिस्तानी हैकर्स ने ली है। वेबसाइट पर भारत विरोधी पोस्ट भी डाले गए थे। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और वेबसाइट का रखरखाव करने वाली निजी एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गया है। हैकिंग की जानकारी छात्रों द्वारा स्क्रीनशॉट वायरल करने के बाद सामने आई।
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हेमचंद यादव पहली घटना 7 जुलाई 2025 को और दूसरी घटना 7 सितंबर 2025 को हुई थी। पिछली हैकिंग के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेबसाइट का ऑडिट कराने का वादा किया था। लेकिन अब तक नहीं किया गया है। जिससे निजी एजेंसी की लापरवाही साफ नजर आती है। वही अब इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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