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नाली में मिली थी आत्माराम की लाश: कपड़ों-मिट्टी ने खोला हत्या का राज, कोर्ट ने आरोपी को सुनाया उम्रकैद की सजा
Sun, 20 Sep 2026 01:31 PM IST
धमतरी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
Published by: धमतरी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:31 PM IST
सार
आमदी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी सुकालू चेलक को धारा 103(1) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में एफएसएल रिपोर्ट, वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई।
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आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धमतरी जिले के बहुचर्चित आमदी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय धमतरी ने फैसला सुनाते हुए आरोपी सुकालू चेलक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषसिद्ध करते हुए एक हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
बकरियां चराने निकले थे आत्माराम, फिर नहीं लौटे
मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम आमदी का है। पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर 2024 को ग्राम आमदी निवासी आत्माराम पटेल बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन आमदी-भानपुरी मार्ग स्थित नाली में आत्माराम का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और अंदरूनी रक्तस्राव की बात सामने आई, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सुकालू चेलक पर पहुंचा शक
मामले की विवेचना तत्कालीन निरीक्षक सन्नी दुबे ने की। पुलिस ने विभिन्न पहलुओं से जांच करते हुए सुकालू चेलक, उम्र 45 वर्ष, निवासी चुनकट्टा, थाना उतई, जिला दुर्ग को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल डंडा, कपड़े और घटनास्थल से मिट्टी जब्त की।
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एफएसएल और वैज्ञानिक साक्ष्य बने अहम कड़ी
मामले की जांच में जब्त किए गए साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों और घटनास्थल की मिट्टी में समानता पाई गई। इसके अलावा अन्य वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने सुकालू चेलक को धारा 103(1) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
विवेचना अधिकारी को मिलेगा सम्मान
मामले की जांच में वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने और विवेचना के लिए धमतरी पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक सन्नी दुबे को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, मामले में वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय साक्ष्यों को एकत्र कर न्यायालय के समक्ष प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।
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बकरियां चराने निकले थे आत्माराम, फिर नहीं लौटे
मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम आमदी का है। पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर 2024 को ग्राम आमदी निवासी आत्माराम पटेल बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन आमदी-भानपुरी मार्ग स्थित नाली में आत्माराम का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और अंदरूनी रक्तस्राव की बात सामने आई, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच में सुकालू चेलक पर पहुंचा शक
मामले की विवेचना तत्कालीन निरीक्षक सन्नी दुबे ने की। पुलिस ने विभिन्न पहलुओं से जांच करते हुए सुकालू चेलक, उम्र 45 वर्ष, निवासी चुनकट्टा, थाना उतई, जिला दुर्ग को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल डंडा, कपड़े और घटनास्थल से मिट्टी जब्त की।
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एफएसएल और वैज्ञानिक साक्ष्य बने अहम कड़ी
मामले की जांच में जब्त किए गए साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों और घटनास्थल की मिट्टी में समानता पाई गई। इसके अलावा अन्य वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने सुकालू चेलक को धारा 103(1) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
विवेचना अधिकारी को मिलेगा सम्मान
मामले की जांच में वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने और विवेचना के लिए धमतरी पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक सन्नी दुबे को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, मामले में वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय साक्ष्यों को एकत्र कर न्यायालय के समक्ष प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।