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अधिकारी बाबू फोन नहीं उठा रहे: हड़ताली कर्मचारियों को नहीं मिली एंट्री, भारी बारिश में दफ्तर के बाहर प्रदर्शन

Thu, 14 Sep 2023 08:35 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद
अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 14 Sep 2023 08:35 PM IST
सार

कर्मचारियों का आरोप है कि है जिला स्वास्थ्य अधिकारी सुबह से दफ्तर भी नहीं आए हैं और न ही किसी भी कर्मचारी का फोन उठा रहे हैं। न ही हड़ताल वापसी के बाद स्थापना शाखा को किसी प्रकार का निर्देश दिया है। 

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Demonstration of employees outside the health department office due to not getting joining in the office
दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित होने के बाद गुरुवार से काम पर वापस लौटे जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों को विभाग ज्वाइनिंग नहीं दी जा रहा। सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर के बाहर कर्मचारियों का जमावड़ा लगा हुआ है। दफ्तर के बाहर ही बरसते पानी में संशय की स्थिति में स्वास्थ्य कर्मचारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी के आने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। 

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कर्मचारियों का आरोप है कि है जिला स्वास्थ्य अधिकारी सुबह से दफ्तर भी नहीं आए हैं और न ही किसी भी कर्मचारी का फोन उठा रहे हैं। न ही हड़ताल वापसी के बाद स्थापना शाखा को किसी प्रकार का निर्देश दिया है। जिसके चलते बरसते पानी में वे बाहर खड़े-खड़े इंतजार में हैं। जबकि अन्य जिलों में वापस आए कर्मचारियों को आते ही ज्वाइनिंग मिल गई है।

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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आश्वासन के बाद बुधवार रात विभिन्न मांगों को लेकर 21 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी ने बीती रात ही अपनी हड़ताल स्थगित कर दी और गुरुवार से ही काम में लौट आए।

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मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों को वापस आने के साथ ही जिन कर्मचारियों को बर्खास्त और निलंबन हुआ है। उन्हें भी वापस काम पर रखने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन जिला मुख्यालय गरियाबंद में जिम्मेदार अधिकारी के नदारद होने के चलते हड़ताली कर्मचारियों को दोपहर तक फिर से ज्वाइनिंग नहीं मिली है। ताज्जुब की बात है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आश्वासन के बाद भी गरियाबंद का स्वास्थ्य विभाग उनकी बातों को तवज्जो नहीं दे रहा है। 

हड़ताल स्थगित के बाद चार घंटे से डॉक्टर, स्टाफ नर्स और ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक दफ्तर के बाहर जमे हुए हैं। इसमें बर्खास्त ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक भी शामिल हैं। इधर स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि सभी कर्मचारी विकासखंड स्तर में बीएमओ को सूचना देकर हड़ताल में गए थे। इसलिए उन्हें वहीं सूचना देकर फिर से ज्वाइनिंग करनी चाहिए। 

मित्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यालय में हड़ताली कर्मचारियों के वापसी और ज्वाइनिंग को लेकर किसी प्रकार के लिखित और मौखिक निर्देश उच्च अधिकारी या शासन स्तर से नहीं आए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी सुबह से मुख्य स्वास्थ्य और चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर को फोन कर रहे हैं। लेकिन मस्तमौला अधिकारी उनका फोन भी नहीं उठा रहे हैं।

मालूम हो कि स्वास्थ्य फेडरेशन के आग्रह पर प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मी वेतन विसंगति, लंबित वेतनमान, विशेष कोरोना भत्ता सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर 21 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। करीब 25 दिन बाद फेडरेशन और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच हुई सार्थक चर्चा और सीएम के आश्वासन के बाद अंततः फेडरेशन ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया था। 

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