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जवान ने की चार साथियों की हत्या: सीआरपीएफ ने कहा- गोलीबारी करने वाला सैनिक डिप्रेशन में था
Mon, 08 Nov 2021 01:16 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: अजय सिंह
Updated Mon, 08 Nov 2021 01:16 PM IST
सार
इस घटना में चार जवानों धनजी, राजीब मंडल, राजमणी कुमार यादव और धर्मेंद्र कुमार की मौत हो गई और तीन अन्य जवान धनंजय कुमार सिंह, धरमात्मा कुमार और मलय रंजन महाराणा घायल हो गए हैं।
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घायल जवानों को अस्पताल ले जाते सुरक्षाकर्मी
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कहा कि अपने चार सहकर्मियों की गोली मारकर हत्या करने और तीन अन्य को घायल करने वाला जवान डिप्रेशन में था, जिस वजह से अचानक उसने मनोवैज्ञानिक असंतुलन खो दिया।
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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के बस्तर क्षेत्र में सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन के एक शिविर में जवान रितेश रंजन ने अपने साथियों पर एके-47 राइफल से गोली चला दी थी, जिससे चार जवानों की मौत हो गई है जबकि तीन अन्य घायल हो गए। अधिकारियों और जवानों ने आरोपी जवान को किसी तरह काबू में किया।
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सीआरपीएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीआरपीएफ ने घटना के कारण का पता लगाने और उपचारात्मक उपाय के सुझाव देने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि किसी भावानात्मक तनाव के कारण कॉन्स्टेबल रितेश रंजन ने अचानक मनोवैज्ञानिक असंतुलन खो दिया और गुस्से में आकर अपने कर्मियों पर गोलियां चला दीं।
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उन्होंने बताया किसीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक (डीआईजी), 50वीं बटालियन (जहां गोलीबारी हुई) के कमांडेंट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर मौजूद हैं। प्रवक्ता ने बताया कि सभी घायलों को आवश्यक उपचार मुहैया करा दिया गया है। जिन घायलों को अतिरिक्त इलाज की आवश्यकता है उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की जा रही है।
कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपी जवान को सुबह चार बजे संतरी पोस्ट पर ड्यूटी पर जाना था, लेकिन तैयार होने के तुरंत बाद ही उसने अपने साथी कर्मियों पर गोलियां चला दी, जो सो रहे थे। यह जानकारी शिविर में मौजूद अन्य जवानों ने दी है। घटना के बारे में अधिक जानकारी और पिछले कुछ दिनों की घटनाओं का पता सीआरपीएफ द्वारा शुरू की गई कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) के तहत लगाया जा रहा है।
नक्सल विरोधी अभियानों के लिए राज्य में 25 से अधिक बटालियन तैनात करने वाले अर्धसैनिक बल ने हाल ही में अपनी सभी टुकड़ियों को एक पत्र भेजकर उन कर्मियों की पहचान करने को कहा था, जो अवसाद या तनाव में हैं और उन्हें आत्महत्या करने से रोकने तथा किसी साथी पर हमला करने से रोकने के लिए, उन्हें उचित परामर्श देने को कहा था।
सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसे कर्मियों की हथियार तक आसान पहुंच सुरक्षा बल के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो या तो आत्महत्या कर लेते हैं या अपने सहकर्मियों पर हमला कर देते हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए कई विकल्प अपनाए गए, लेकिन फिर भी कोई उचित समाधान अभी तक नहीं मिल पाया है।