छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन रोक CRPF ने बांस के फट्टे पर लटके 'रामजी राव' को यूं पहुंचाया अस्पताल

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Updated Sun, 26 Jul 2020 08:14 PM IST
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सीआरपीएफ - फोटो : अमर उजाला

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छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित इलाके मंगनार, कौशलनार और गुफा आदि को अबूझमाड़ के तमाम गांवों से जोड़ने वाली सड़क को नक्सलियों ने पहले ही आईईडी विस्फोट के जरिए तोड़ दिया है। रविवार को सीआरपीएफ के पास सूचना आई कि नक्सलियों ने सड़क के कई दूसरे हिस्सों में भी आईईडी दबा दी हैं। 195 वीं वाहिनी की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया। इसी दौरान कई लोग बांस के फट्टे पर एक व्यक्ति को बैठाकर ले जा रहे थे।
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मालूम हुआ कि वह एक बीमार व्यक्ति था, उसे अस्पताल ले जा रहे हैं। सीआरपीएफ ने सर्च ऑपरेशन कुछ देर के लिए रोका और बीमार आदमी 'रामजी राव' की मदद की। उसे सड़क के उस हिस्से तक पहुंचाया, जहां एंबुलेंस पहुंच सकती थी। एंबुलेंस भी सीआरपीएफ ने अपनी बुलाई थी।साथ में दो तीन जवानों को भी 'रामजी राव' के साथ भेजा गया।डॉक्टरों का कहना था कि उस मरीज को अगर यहां आने में थोड़ी देर हो जाती तो उसकी जान को बड़ा जोखिम हो सकता था।
सीआरपीएफ के अनुसार, गुफा गांव के रामजी राव सुकरा को दो दिनों से तेज बुखार था।रविवार तड़के 195 वाहिनी को सूचना मिली कि नक्सल प्रभावित इलाके अबूझमाड़ के गांवों को बारसूर और सतधार से जोड़ने वाली एक मात्र सड़क पर नक्सलियों ने आईईडी लगा रखी है। सीआरपीएफ ने बिना समय गंवाए कई टीमों को बम डिफ्यूज करने के लिए भेजा। बम निरोधक दस्ते ने 3 किलो वाली दो आइईडी को पूरी सतर्कता और मुस्तैदी से डिफ्यूज कर नक्सलियों के एक बड़े नापाक मंसूबे पर पानी फेर दिया। 
बम डिफ्यूज होने के बाद जब सर्च ऑपरेशन चल रहा था तो मंगनार रोड से कुछ ग्रामीण वहां पहुंचे।वे एक मरीज को बांस के फट्टे पर पैदल ले जा रहे थे। भारी गर्मी और उमस से भरी दोपहरी में मरीज की हालत और बिगड़ती जा रही थी। घोर नक्सल प्रभावित गुफा गांव के रामजी राव सुकरा की नाजुक हालत को देख कर सीआरपीएफ के अधिकारियों ने अपने अभियान को थोड़ी देर के लिए रोकने का निर्णय लिया।

मरीज को तुरंत इंद्रावती ब्रिज तक पहुंचाया गया, जहां 195 वाहिनी की एम्बुलेन्स और मेडिकल स्टाफ को पहले से ही बुला लिया गया था।मरीज को बारसूर पीएचसी पहुंचा कर इलाज शुरू कराया गया। डॉक्टर का कहना था कि थोड़ी सी देरी मरीज के लिए घातक साबित हो सकती थी। सीआरपीएफ के इस रूप को देख कर मरीजों के परिजनों एवं ग्रामीणों ने जवानों का आभार जताया। 
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