{"_id":"66fbdbfe6cb841a8940b11a6","slug":"crowds-gather-in-this-river-for-shradh-and-tarpan-people-of-area-consider-it-equal-to-ganga-in-balrampur-raman-2024-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur Ramanujganj: श्राद्ध और तर्पण के लिए इस नदी में उमड़ती है भीड़, गंगा के समान मानते हैं क्षेत्रवासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur Ramanujganj: श्राद्ध और तर्पण के लिए इस नदी में उमड़ती है भीड़, गंगा के समान मानते हैं क्षेत्रवासी
Tue, 01 Oct 2024 04:55 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 01 Oct 2024 04:55 PM IST
सार
बलरामपुर रामानुजगंज पितृ पक्ष के आज चतुर्दशी तिथि को भी बड़ी संख्या में रामानुजगंज सहित आसपास गांव के लोग श्रद्धा एवं तर्पण करने पहुंचे। पंचांग के अनुसार एक दिन और श्रद्धा एवं तर्पण के लिए बचेंगे।
विज्ञापन
श्राद्ध और तर्पण करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलरामपुर रामानुजगंज पितृ पक्ष के आज चतुर्दशी तिथि को भी बड़ी संख्या में रामानुजगंज सहित आसपास गांव के लोग श्रद्धा एवं तर्पण करने पहुंचे। पंचांग के अनुसार एक दिन और श्रद्धा एवं तर्पण के लिए बचेंगे। पितृ मोक्ष अमावस्या के दिन पितृपक्ष समाप्त हो जाएगा। गंगा नदी के समान क्षेत्र की जीवनदायनी नदी कन्हर को माना जाता है कन्हर नदी भी उत्तर वाहिनी है गंगा के समान।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पितृपक्ष के पहले दिन से ही रामानुजगंज के कन्हर नदी के तट पर श्राद्ध एवं तर्पण करने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पितृ पक्ष के बीते 14 दिनों तक श्रद्धा एवं तर्पण करने के लिए भारी भीड़ प्रतिदिन रही। श्राद्ध एवं तर्पण महामाया मंदिर के पुजारी जितेंद्र पांडे एवं नरेंद्र मिश्रा सहित अन्य पुजारी के द्वारा कराया गया।
विज्ञापन
महामाया मंदिर के पुजारी जितेंद्र पांडे ने बताया पितृ पक्ष में श्राद्ध एवं तर्पण करने से ऐसा माना जाता है कि पितरों के द्वारा वंश वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्हीं के आशीर्वाद से कुल में सुख शांति रहती है।पितृ दोष होने पर घर में क्लेश का वातावरण निर्मित होता है। इसलिए सभी लोग को पितृ पक्ष में तर्पण एवं श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। शास्त्रों में भी उल्लेख है कि किसी भी यज्ञ पूजा का प्रारंभ तर्पण एवं श्राद्ध से ही शुरू होता है।
विज्ञापन