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ट्रेन में सफर करने वालों को खुश कर देगी ये खबर

Mon, 26 Oct 2015 04:53 PM IST
Updated Mon, 26 Oct 2015 04:53 PM IST
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Court Fined to railway for loo embarrassment

रेल में सफर करने वालों के लिए यह खबर वाकई खुश कर देने वाली हो सकती है, क्योंकि पैसे लेकर सुविधाओं से पल्ला झाड़ने वाली रेलवे को अब उसकी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

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छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता अदालत ने एक ऐसे ही मामले में एतिहासिक निर्णय देते हुए रेलवे पर डेढ़ लाख का जुर्माना लगाया है जब एक यात्रियों को ट्रेन में टॉयलेट जाने के दौरान असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
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तो आइए जान लेते हैं क्या है पूरा मामला। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार समता सुपरफास्ट एक्सप्रेस में गुरदर्शन लांबा दिल्ली से छत्तीसगढ़ के दुर्ग के लिए सफर कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें टॉयलेट जाना पड़ा।
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टॉयलेट के गेट की कुंडी खराब होने पर दायर किया केस

Court Fined to railway for loo embarrassment

लांबा के अनुसार जब वह टॉयलेट के अंदर थे तभी एक अन्य यात्री ने आकर उसका गेट खोल दिया। इस पर वह भौंचक्के रह गए, उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। वह अचंभे में थे कि अंदर से लॉक बंद होने के बावजूद भी वह कैसे खुल गया। उन्होंने ध्यान से देखा तो दरवाजे की कुंडी खराब थी।

इस मामले के बाद रेलवे की खराब व्यवस्‍थाओं के विरोध में लांबा ने अपने वकील के जरिए दुर्ग की उपभोक्ता अदालत में एक मुकदमा दायर कराया। लांबा के अनुसार रेलवे की इस लापरवाही के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा सहनी पड़ी।

वहीं रेलवे के अधिकारियों ने लांबा की इस याचिका का विरोध किया। उनके अनुसार लांबा उक्‍त खराब गेट वाले शौचालय के अलावा अन्य तीन शौचालय भी इस्तेमाल कर सकते थे।

अदालत ने मानी रेलवे की लापरवाही

Court Fined to railway for loo embarrassment

इसके अलावा ए-1 कोच के किसी अन्य यात्री ने भी इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की, इसलिए उनके आरोप आधारहीन हैं। हालांकि रेलवे की इन दलीलों का दुर्ग जिला उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश मैत्रीय माथुर पर कोई असर नहीं हुआ।

उन्होंने माना कि शौचालय के खराब दरवाजे के कारण गुरदर्शन लांबा को अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। न्यायाधीश के अनुसार यात्रियों से एसी कोच में सुविधाओं के नाम पर मोटी रकम लेने के बावजूद रेलवे की व्यवस्‍था राहतभरी नहीं है। उपभोक्ता अदालत ने रेलवे के उन तीनों जोन के अधिकारियों को बुलाया था जो समता एक्सप्रेस के रूट में आते थे।

कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एक बेकार शौचालय के कारण यात्री को मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा जिसके लिए रेलवे को यात्री लांबा को डेढ़ लाख रुपये का हर्जाना और मुकदमेबाजी में खर्च हुए दस हजार रुपये अदा करने होंगे।

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