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'जिन्हें BJP की आइडियोलॉजी नहीं पता, वह घोषणा पत्र बनाएंगे': CM भूपेश ने बृजमोहन, अजय चंद्राकर पर भी कसा तंज

Mon, 10 Jul 2023 04:47 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Mon, 10 Jul 2023 04:47 PM IST
सार

बीजेपी बहुत झूठ बोल चुकी। अब झूठ के सहारे आप जनता किसानों के बीच में नहीं जा सकते।  हर वर्ग को ठगने का काम रमन सिंह ने किया है। ये बातें सीएम भूपेश बघेल ने बालोद जिला रवाना होने से पहले पुलिस परेड ग्राउंड हेलीपेड में कहीं। 

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CM Bhupesh baghel reaction on raman singh for 10 quintal paddy purchase
सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बीजेपी ने साल 2013 में ये संकल्प लिया था कि हम किसानों का एक-एक दाना धान खरीदेंगे। 2014 में डबल इंजन की सरकार ने फैसला लिया कि 10 क्विटल ही धान प्रति एकड़ खरीदेंगे। भारतीय जनता पार्टी ये कहती है कि केंद्र केंद्र सरकार खरीदती है, तो रमन सिंह यह बताएं कि 10 क्विंटल धान खरीदी करने का निर्णय किसका था। क्यों उस समय एक-एक दाना धान नहीं खरीदा गया? किसके कहने से रोका गया? बोनस किसके कहने से रोका। आपने तो हर साल बोनस देने की बात कही थी। चुनाव के पहले बोनस और चुनाव के बाद खत्म। इसलिए किसानों ने 2018 में 15 साल की सरकार को 15 सीटों पर समेट दिया। अब तो 13 रह गए हैं। बीजेपी अब झूठ मत बोले।  बीजेपी बहुत झूठ बोल चुकी। अब झूठ के सहारे आप जनता किसानों के बीच में नहीं जा सकते।  हर वर्ग को ठगने का काम रमन सिंह ने किया है। ये बातें सीएम भूपेश बघेल ने बालोद जिला रवाना होने से पहले पुलिस परेड ग्राउंड हेलीपेड में कहीं। 

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उन्होंने कहा कि 2 साल बोनस और 3 साल खोनस। इस नीति पर रमन सिंह चलें रमन सिंह लगातार किसानों को ठग रहे हैं। किसानों को बार-बार नहीं ठग सकते। छत्तीसगढ़ के किसानों ने उन्हें बहुत मौका दिया। जैसे ही हमने प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने की बात की। वह श्रेय लेने के लिए कूद पड़े। आरोप लगाया कि रमन सिंह ने 15 साल में ऐसा कोई सगा नहीं। जिसको रमन ने ठगा नहीं। सब को ठगने का काम किया है। किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, गरीबों, युवाओं, व्यापारियों सबको ठगने का काम किया। 
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'डिस्टलरों के खिलाफ कार्रवाई होगी
रमन सिंह के शराब के आरोप पर कहा कि फरवरी 2020 में आईटी की रेड पड़ी थी। अब जुलाई 2023 में ईडी ये कह रही है कि 2168 करोड़ का घोटाला हुआ है। एक्साइज डूयटी बिना पटाए शराब पेटियां फैक्ट्री से निकली है। यदि शराब फैक्ट्रियों से बिना एक्साइज ड्यूटी पटाए निकली है, तो सबसे पहले डिस्टलरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि जिम्मेदारी उनकी थी। जो वहां पदस्थ थे उनकी थी, उन पर तो कार्रवाई हुई नहीं। न उनकी अचल संपत्ति अटैच की, ना उनके बैंक खाते को सीज किया गया और और जब आईटी कार्रवाई करती है, तो बताती है कितना हमने संपत्ति पकड़ा। 

शराब घोटाले के आरोप पर पलटवार
सीएम ने कहा कि जब रमन शराब घोटाले का आरोप लगा रहे हैं। तो किसकी कितनी संपत्ति जब्त की गई। इसकी शुरुआत किसने की थी। साल 2017 में रमन सिंह की सरकार ने इसकी शुरुआत की थी। यह पॉलिसी बनाई। इस पालिसी के अंदर उन्होंने सारी दुकानों को शासकीय किया। कारपोरेशन के माध्यम से खरीदी की व्यवस्था की। प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से सप्लाई का काम किया। मेन पॉवर सप्लाई का काम किया। केवल तीन डिस्टलरी देसी शराब कारपोरेशन को सप्लाई करेंगे, यह नीति बनाने का काम रमन सिंह ने किया। 




'रमन सिंह का इन डिस्टलरों से क्या संबंध है'
उन्होंने रमन सिंह पर हमला करते हुए कहा कि रमन सिंह का इन डिस्टलरों से क्या संबंध हैं। वही डिस्टलर हैं। वहीं दुकानें हैं। वही प्लेसमेंट एजेंसी है। रमन सिंह बताएं उनके इनसे क्या संबंध हैं। क्यों उनके पक्ष में पॉलिसी बनाई। देश के दूसरे लोगों को अपने मौका क्यों नहीं दिया। साल 2018 से 2019 में देखें तो इस पालिसी से 3900 करोड़ राजस्व की प्राप्ति हुई। आज वह बढ़कर 6500 करोड़ हो गई। आज बढ़कर डेढ़ गुना हो गया। इसके बाद भी रमन कहते हैं कि इसमें बिना एक्साइज ड्यूटी पेड किए फैक्ट्री से शराब निकली। हमने उसे संज्ञान में लिया है और तीनों डिस्टलरों को और 4 पदस्थ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यदि सही पाया गया तो एक-एक पाई वसूल की जाएगी। सरकार छोड़ेगी नहीं। राज्य के राजस्व में यदि कमी आई है, और यदि यह सिद्ध होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

धान खरीदी पर बीजेपी को दिया ये जवाब
धान खरीदी मामले में बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि रमन रमन सिंह की हर बात मानने को तैयार हूं, लेकिन वह बताएं कि 2014 में उन्होंने 10 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी के फैसले क्यों लिए। यदि केंद्र सरकार कर रही है तो इसे रोका किसने। मार्कफेड के माध्यम से हम लोग लेते हैं। पिछले समय 2200 हजार करोड़ लोन लिए। इस साल वह राशि और बढ़ गई। रमन ने किसानों के साथ खिलवाड़ क्यों किया। उनके भविष्य के साथ क्यों खिलवाड़ किया। किसानों को क्षति क्यों पहुंचाई। 


बीजेपी के घोषणा पत्र समिति पर कसा तंज
दूसरी ओर सीएम ने बीजेपी के घोषणा पत्र समिति और आरोप समिति और अन्य समितियों पर तंज कसते हुए कहा कि कितना भी विधानसभा में चिल्ला-चिल्लाकर बोल लें। रमन सिंह जब तक नहीं हटेंगे तब तक बृजमोहन, अजय चंद्राकर और प्रेमप्रकाश पांडेय का कुछ नहीं हो सकता। जो लोग जीवनभर बीजेपी का साथ दिए, उनको घर बैठा दिया गया। 
विजय बघेल को घोषणा पत्र की जिम्मेदारी दी गई है, जिसको बीजेपी की आइडियोलॉजी पता ही नहीं, वह घोषणा पत्र क्या बनाएंगे। विजय बघेल तो खुद कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए हैं, बीजेपी में नेतृत्व का अकाल हो गया है।

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