छत्तीसगढ़ की लोकवाणी: मुख्यमंत्री ने रेडियो को बनाया है जनता से संवाद का माध्यम
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लोकतंत्र में शासन की मूल आवश्यकताओं में ले एक है जनता के साथ संवाद... बिना संवाद न जनता की असल समस्या सामने आ पाती है और न उन समस्याओं का समाधान हो पाता है। छत्तीसगढ़ में इस संवादहीनता की खाई को पाटने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की तर्ज पर एक रेडियो वार्ता 'लोकवाणी' की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम के माध्यम से बघेल जनता से सीधे संवाद करते हैं।
इस कार्यक्रम का प्रसालरण आकाशवाणी के सभी केंद्रों से होता है। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल समाज के विभिन्न वर्गों के विभिन्न मुद्दों पर सवालों का जवाब देते हैं और अपने विचार साझा करते हैं। इस रेडियो वार्ता की अभी तक 13 कड़ियां प्रसारित हो चुकी हैं और अगली कड़ी का प्रसारण अगले साल 10 जनवरी को होगा। आकाशवाणी के साथ यह विभिन्न एफएम चैनल और क्षेत्रीय समाचार चैनलों पर भी प्रसारित किया जाता है।
आप भी इस तरह पूछ सकते हैं अपने सवाल
हर महीने के दूसरे रविवार को सुबह 10.30 से 11 बजे तक प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम का विषय हर बार अलग रहता है। जो विषय तय किया जाता है उस पर आम जनता से सवाल और सुझाव मांगे जाते हैं। इसके लिए रायपुर का फोन नंबर 077102430501, 02 और 03 पर तय तारीखों में रिकॉर्ड करा सकता है। लोग सवाल कर सकें, इसलिए हर कार्यक्रम के अंत में यह बताया जाता है कि अगले कार्यक्रम का विषय क्या रहेगा।
11 अगस्त 2020 को हुई थी वार्ता की शुरुआत
लोकवाणी का पहला प्रसारण 11 अगस्त 2020 से शुरु हुआ था। अब तक कृषि तथा ग्रामीण विकास, शिक्षा और युवा, स्वास्थ्य एवं मातृ-शक्ति, नगरीय विकास का नया दौर, आदिवासी विकास-हमारी आस, सेवा का एक साल, बालमन और तनाव (परीक्षा प्रबंधन और युवा कैरियर के आयाम), महिलाओं को बराबरी का अवसर, न्याय योजनाएं नयी दिशाएं, समावेशी विकास-आपकी आस, सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल जैसे विषयों पर प्रसारण हुआहै।
अंतिम पंक्ति के लोगों तक भी पहुंचती है बात
छत्तीसगढ़ में रेडियो के माध्यम से संवाद का यह तरीका इसलिए भी प्रभावी है क्योंकि यहां की जनसंख्या का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों में रहता है। ऐसे में राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी उन लोगों तक भी पहुंच पाती है, जिनके पास मोबाइल-इंटरनेट जैसी सुविधाओं तक पहुंच नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि एक समय में अपने नेता का नाम तक न जानने वाले लोग अब सीधे मुख्यमंत्री से बात कर पा रहे हैं और अपनी समस्याएं बता पा रहे हैं।