छत्तीसगढ़ में हुआ 5000 करोड़ का 'व्यापम' घोटाला: कांग्रेस
कांग्रेस ने इसे 5000 करोड़ का चिटफंड से जुड़ा घोटाला करार दिया है। सुरजेवाला ने कहा, "9 साल से बीजेपी सरकार की नाक के नीचे 161 से अधिक चिटफंड कंपनियों ने 1 करोड़ जनता यानी करीब 21 लाख परिवारों की खून पसीने की कमाई गबन कर ली।"
5000 करोड़ से अधिक का ‘चिटफंड घोटाला’ बना छत्तीसगढ़ का ‘व्यापम’ !
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) November 1, 2018
1 करोड़ जनता लुटी, 57 जानें गईं - घोटाले के तार से जुड़ी रमन सिंह सरकार !
कांग्रेस करेगी डॉ. रमन सिंह व सबकी जांच - जनता का पैसा होगा वापस, नहीं आने देंगे आँच !
रायपुर में आज प्रेस वार्ता :- pic.twitter.com/Q0FyAVpKL9
कांग्रेस ने इसके लिए सीधे तौर पर तीन बार के मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके परिवार को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि खुद मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके सांसद बेटे अभिषेक सिंह, पत्नी वीणा सिंह, बीजेपी सांसद, मंत्री और प्रदेश के आला अधिकारी 'रोजगार मेलों' के जरिए ऐसी चिटफंड कंपनियों के कार्यक्रमों में सीधे तौर पर शामिल हुए। साल 2009 से 2017 के बीच रमन
सिंह सरकार ने राज्य के तकरीबन हर जिले में ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन किया।
सुरजेवाला ने कहा कि चोरी, धोखाधड़ी और फरेब के इस खेल के चलते चिटफंड कंपनियों के 57 प्रतिनिधियों ने खुदकुशी कर ली। इन 161 कंपनियों पर 310 FIR भी हुईं लेकिन लोगों का पैसा वापस नहीं मिला।
कांग्रेस ने दावा किया किया कि सत्ता में आने पर वो डॉ. रमन सिंह समेत घोटाले में शामिल सभी पक्षों की जांच करेंगे और जनता के पैसे पर आंच नहीं आने देंगे। छत्तीसगढ़ में पहले चरण की 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में कांग्रेस के ये बड़े आरोप रमन सिंह का सिरदर्द बढ़ाने वाले साबित होंगे।