{"_id":"5c3d7946bdec2273230f049a","slug":"chhattisgarh-six-lakh-mobile-phones-not-distributed-of-sky-scheme-will-return-to-central-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: स्काई योजना के नहीं बंटे 6 लाख मोबाइल फोन केंद्र सरकार को लौटाएगा राज्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: स्काई योजना के नहीं बंटे 6 लाख मोबाइल फोन केंद्र सरकार को लौटाएगा राज्य
Tue, 15 Jan 2019 11:40 AM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 15 Jan 2019 11:40 AM IST
विज्ञापन
भूपेश बघेल
- फोटो : Facebook
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने पिछली सरकार की संचार क्रांति योजना (स्काई) को बंद करने के बाद बचे हुए 6 लाख मोबाइल फोन केंद्र सरकार को वापस करने का निर्णय लिया है। करीब 1500 करोड़ रुपए की इस योजना के तहत प्रदेश की 50.15 लाख महिलाओं-युवतियों को मोबाइल देने थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों से इसका परीक्षण करने को कहा है।
इस योजना के तहत में चुनावों से पहले तक 29 लाख से अधिक मोबाइल बांटे गए। लेकिन 6 लाख मोबाइल फोन अभी वेयर हाउस में पड़े हुए हैं। नई सरकार बनने के बाद अधिकारियों के साथ पहली बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन वितरण योजना पर तत्काल रोक लगा दी थी। सरकार ने मोबाइल कंपनी का भुगतान रोक दिया है। कंपनी को करीब 1200 से 1300 करोड़ रुपये का भुगतान होना है।
रमन सिंह सरकार इस योजना को महत्वाकांक्षी मानती थी। भाजपा सरकार ने प्रदेश में बस्तर समेत कई दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारत नेट योजना के तहत मोबाइल टावर लगाने के लिए राशि दी गई थी। रमन सिंह का दावा था कि इस योजना से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर नई सरकार आने के बाद मनरेगा मजदूरों को मुफ्त में टिफिन देने की पंचायत विभाग की योजना भी अधर में लटक गई है। हालांकि योजना में टिफिन सप्लायर्स को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। योजना में राज्य के करीब 10.85 मजदूरों को चार डिब्बों वाले टिफिन दिया जाना था।
विज्ञापन
इस योजना के तहत में चुनावों से पहले तक 29 लाख से अधिक मोबाइल बांटे गए। लेकिन 6 लाख मोबाइल फोन अभी वेयर हाउस में पड़े हुए हैं। नई सरकार बनने के बाद अधिकारियों के साथ पहली बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन वितरण योजना पर तत्काल रोक लगा दी थी। सरकार ने मोबाइल कंपनी का भुगतान रोक दिया है। कंपनी को करीब 1200 से 1300 करोड़ रुपये का भुगतान होना है।
विज्ञापन
रमन सिंह सरकार इस योजना को महत्वाकांक्षी मानती थी। भाजपा सरकार ने प्रदेश में बस्तर समेत कई दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारत नेट योजना के तहत मोबाइल टावर लगाने के लिए राशि दी गई थी। रमन सिंह का दावा था कि इस योजना से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर नई सरकार आने के बाद मनरेगा मजदूरों को मुफ्त में टिफिन देने की पंचायत विभाग की योजना भी अधर में लटक गई है। हालांकि योजना में टिफिन सप्लायर्स को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। योजना में राज्य के करीब 10.85 मजदूरों को चार डिब्बों वाले टिफिन दिया जाना था।